सुमित माथुर
नई दिल्ली। यूनान यानी ग्रीस के एक मशहूर दार्शनिक हुए प्लेटो। उनके एक दोस्त थे, जिन्होंने मशीनी कबूतर बनाया, जो आवाज से चलता था। यह बात करीब 2800 साल पहले की है। हालांकि, इसके पहले भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का विचार जन्म ले चुका था जब दार्शनिकों ने जीवन और मृत्यु के प्रश्नों पर विचार किया था। प्राचीन काल में आविष्कारकों ने ‘ऑटोमेशन’ नामक चीज़ें बनाईं जो मशीनी होते हुए भी इंसान के दखल के बिना ही चलती थीं।
‘ऑटोमेशन’ शब्द प्राचीन ग्रीक से आया है और इसका अर्थ है-अपनी इच्छा से कार्य करना। यहीं से एआई का जन्म हुआ। हाल ही में चीन की एक कंपनी डीपसीक के एआई-पावर्ड चैटबॉट ने अमेरिका में तहलका मचा दिया । अमेरिका में जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक ये एपल के स्टोर से सबसे ज्यादा मुफ्त में डाउनलोड होने वाला एप बन गया है। इस एप की कम समय में इतनी चर्चा की वजह इसका अमेरिका स्थित एआई कंपनियों की तुलना में कम लागत का होना है। एआई चैटबॉट डीपसीक के उदय ने अमेरिका की वॉल स्ट्रीट में भूचाल ला दिया है। अमेरिकी चिप मेकर कंपनी एनवीडिया की 600 अरब डॉलर से अधिक की मार्केट वैल्यू घट गई ।
एआई काफी प्राचीन आइडिया
वास्तव में एआई काफी प्राचीन आइडिया है, जिसके लिए बेसिक काम 1900 के आसपास शुरू हुआ। हालांकि, इस तकनीक में 1950 के दशक तक कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई थी। साल 1955 में एलन नेवेल और हर्बर्ट ए. साइमन ने पहला एआई बनाया, जिसे लॉजिक थियोरिस्ट नाम दिया गया। इस कार्यक्रम ने गणित की 52 प्रमेयों में से 38 को सिद्ध किया था और कुछ प्रमेयों के लिए नए और अधिक सुंदर प्रमाण खोजे थे। इसके बाद से ही एआई की विकास यात्रा में तेजी आई।
50 हजार चिप जुटाकर डीपसीक लॉन्च
डीपसीक एक चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है, जिसका गठन चीन के दक्षिण पूर्वी शहर हांगचो में हुआ। जुलाई, 2023 में इस कंपनी को लॉन्च किया गया था। एक चीनी व्यक्ति लियांग वेनफेंग ने हेज फंड के जरिए निवेशक जुटाकर डीपसीक की शुरुआत की थी। माना जाता है कि लियांग ने अमेरिकी कंपनी एनवीडिया ए ए100 चिप्स के जरिए एक स्टोर बनाया था। माना जाता है कि ऐसे ही तकरीबन 50 हजार चिप जुटाकर लियांग ने डीपसीक लॉन्च किया। उन्होंने इन चिप्स को सस्ती और लोवर एंड चिप्स के साथ इस्तेमाल किया जो अब भी चीन में आयात होती हैं।
एआई का इस्तेमाल
एआईपीआरएम ने अमेरिका में 6,000 लोगों पर एक एआई सर्वे किया। हर 5 में से एक व्यक्ति यह स्वीकार करता है कि वह वर्चुअल असिस्टेंट (जैसे एलेक्सा और सिरी) और प्लेलिस्ट के माध्यम से एल्गोरिथम सुझावों का इस्तेमाल करता है। हर तीन में से 2 आदमी एआई आधारित बिजनेस पर भरोसा करते हैं। डीपसीक का ताकतवर एआई असिस्टेंट चैटजीपीटी की तरह काम करता है, जो आपके हर सवाल का जवाब देता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह आपकी जिंदगी आसान बना सके।
डीपसीक ने अमेरिकी एनवीडिया कंपनी को सस्ती और कम उन्नत होने के बाद भी मात दे दी है।
जॉन मैकार्थी को कहा जाता है एआई का फादर
नवप्रवर्तकों में से एक जॉन मैकार्थी थे , जिन्हें कंप्यूटर विज्ञान और एआई के क्षेत्र में उनके अद्भुत योगदान के कारण एआई के फादर के रूप में व्यापक रूप से मान्यता हासिल है। 1950 के दशक के मध्य में मैकार्थी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शब्द गढ़ा, जिसे उन्होंने बुद्धिमान मशीनें बनाने के विज्ञान और इंजीनियरिंग के रूप में परिभाषित किया।

