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सिसकियां लेता सेडरट शहर कहता है हमास के दिए दर्द की माफी नहीं

The sobbing city of Sderot says there is no forgiveness for the pain caused by Hamas.
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। तारीख थी सात अक्तूबर, साल 2023… सुबह के साढ़े छह बज रहे थे। लोग सामान्य दिनों की तरह व्यस्त थे। बच्चे खेलकूद में लगे थे… तभी इस्राइल के दक्षिणी इलाके के सेडरट शहर में अचानक तीन रॉकेट गिरे और बड़ा धमाका हुआ। इसके बाद गाड़ियों से आए हमास लड़ाकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर कत्लेआम मचाना शुरू कर दिया। शहर लाशों के ढेर में तब्दील होने लगा। इससे आक्रोशित इस्राइल ने अपने दुश्मनों से बदला लेना शुरू किया। तब से लेकर आज तक पश्चिम एशिया के इस हिस्से में लगातार युद्ध चल रहा है।

सिसकियां लेता यह शहर आज भी गुस्से में है। लोग कहते हैं, हमास ने जो दर्द दिया उसकी माफी नहीं हो सकती। सेडरट के एलान मैनॉर कहते हैं… उस दिन में दफ्तर के लिए निकला ही था कि अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। मेरा घर मुख्य सड़क पर ही 1 2 खास खबर उस दिन को याद कर हम दहशत में आ जाते हैं। वैसे तो नए साल के जश्न व सबसे बड़े धार्मिक आयोजन योम किप्पुर के दौरान पुरानी गलतियों को माफ किया जाता है, लेकिन हमास ने हमें जो दर्द दिया है, उसकी माफी नहीं हो सकती। एलान मैनॉर ने हमले में पिता को खोया है। कुछ समझ ही नहीं पाया, किसी तरह जान बचाई, मगर शहर के एक व्यावसायिक परिसर में दुकान चलाने वाले मेरे पिता की दुकान पर ही हमास ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह कहते हैं, नए साल के जश्न की तैयारियों में खुशी के साथ वह दर्द भी उतना ही कचोट रहा है। जब तक हमास का सफाया नहीं होगा, हम लोगों को चैन नहीं मिलेगा।

गाजा पट्टी के पास रीम का क्षेत्र 383 युवाओं को गोलियों से भून दिया… कैसे भूलें।

सेडरट शहर से करीब 15 मिनट की दूरी पर रीम का वह इलाका है, जहां 7 अक्तूबर को हमास ने नए साल का जश्न मना रहे इस्राइली लोगों को मार दिया था। यह इलाका गाजा पट्टी के बिल्कुल नजदीक है। यहां मौजूद रिन एमोक कहते हैं, कैसे भूल जाएं कि हमास ने 383 युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। 45 लोगों का अपहरण कर लिया था। वह कहते हैं, उस दिन हमास ने इस्त्राइल को छेड़ा था, इसलिए हमारी फौज हमास के साथ उन सभी आतंकियों को ठिकाने लगा रही है जो इस्राइल पर हमले कर रहे हैं।

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