ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में लगे झटकों के बाद लोगों में बचत करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है और खासकर आपातकालीन खर्चों के लिए। अब आलम यह है कि सबसे ज्यादा 62 फीसदी लोग संकट के समय में घर के जरूरी खर्चे चलाने के लिए बचत कर रहे हैं। इसके बाद 48 फीसदी लोग बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए पैसा बचा रहे हैं।
बैंक बाजार की ‘मनीमूड’ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 47 फीसदी लोग मुनाफे, 44 फीसदी लाइफस्टाइल बेहतर करने, 42 फीसदी घूमने, 31 फीसदी सेवानिवृत्ति, 28 फीसदी लग्जरी उत्पादों पर खर्च करने और 27 फीसदी लोग कौशल विकास के लिए बचत कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबी अवधि में बचत करने के लिए लोग फिक्स्ड एवं रिकरिंग डिपॉजिट की जगह अब म्यूचुअल फंड एसआईपी में अधिक निवेश कर रहे हैं।
इस साल 62 फीसदी लोगों ने एसआईपी में पैसा लगाया है, जो 2022 के 57 फीसदी की तुलना में पांच फीसदी अधिक है। फिक्स्ड एवं रिकरिंग डिपॉजिट में अपनी गाढ़ी कमाई लगाने वालों की संख्या 54 फीसदी की तुलना में बढ़कर 57 फीसदी पहुंच गई है।

