Site icon World's first weekly chronicle of development news

बीजेपी के दिल्ली फतह के ये फैक्टर भी अहम

BJP
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बीजेपी की िरकॉर्ड जीत के पीछे ये फैक्टर भी अहम रहे हैं।
बूथ प्रबंधन – प्रधानमंत्री का संवाद, त्रिदेव, बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सत्यापन, झुग्गी विस्तारक योजना, अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र का प्रबंधन।
प्रधानमंत्री की चार रैली : दिल्ली को विश्व स्तरीय बनाने और इसके लिए खुद दिल्ली को समय देने का विश्वास। एक बार सेवा का मौका देने की अपील। पहली रैली में ही दिल्ली के लिए जनकल्याण की योजनाएं लागू रखने और इससे भ्रष्टाचार दूर करने की घोषणा। प्रत्येक रैली में इसे दोहराना जिससे लोगों में विश्वास उत्पन्न हुआ। झुग्गी बस्तियों का मामला, घर देने का विश्वास।

बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं और छात्रों से संवाद। पहली बार मोदी ने दिल्ली को इतना समय दिया।
संकल्प पत्र : महिलाओं, युवाओं, ऑटो, कर्मचारियों, गिग वर्कर के लिए काम करने का आश्वासन
यमुना में जहर : केजरीवाल के हरियाणा पर आरोप पर भाजपा ने आक्रामक तरह से पलटवार किया। प्रधानमंत्री, अमित शाह के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इसे प्रत्येक चुनावी मंच पर उठाकर अरविंद केजरीवाल को घेरा और यमुना की बदहाली के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराने में सफल रहे। पानी और दूषित पानी की समस्या।

मध्यम वर्ग : 12 लाख आयकर छूट, आठवें वेतन आयोग का गठन।
भाजपा मध्य वर्ग को साधने के साथ ही गरीबों को अपने साथ जोड़ने और महिलाओं को आप से अलग कर अपने साथ जोड़ने में सफल रही। बीजेपी को युवाओं का भी मिला साथ। व्यापारी भी भाजपा के साथ दिखा।

पूर्वांचली मुद्दा : भाजपा पूर्वांचल के लोगों को भी भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफल रही, आप पर पूर्वांचलियों के अपमान, छठ पूजा, कोरोना के मुद्दे, प्रधानमंत्री से लेकर अन्य नेताओं ने पूर्वांचलियों का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री ने कहा पूर्वांचल ने उन्हें सांसद और प्रधानमंत्री बनाया। बजट में बिहार के लिए घोषणाओं को गिनाया।

ध्रुवीकरण से परहेज : पिछली बार से सबक लेते हुए भाजपा नेता इस तरह के बयान से बचते रहे जिससे कि मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण हो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ‘कटोगे तो बंटोगे’ की जगह उत्तर प्रदेश के विकास का माडल रखा।

पार्टी ने बांग्लादेश रोहिंग्या घुसपैठियों का मुद्दा तो उठाया लेकिन मुस्लिमों की भावनाओं को उभारने वाला बयान नहीं दिया। इससे मुस्लिम मत आप, कांग्रेस और ओवैसी की पार्टी के बीच बंट गया।

केजरीवाल और आप पर भ्रष्टाचार का आरोप। शराब नीति एक पर एक बोतल फ्री और शीश महल का मुद्दा गरमाया
बीएलओ : बूथ पर मतदाताओं की पहचान, फर्जी वोट कटवाने, वैध वोटर जुड़वाने का काम किया। भाजपा नेताओं ने फर्जी वोटरों का मुद्दा उठाया
कांग्रेस : कई सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के मजबूती से चुनाव लड़ने से भाजपा को लाभ मिला।

Exit mobile version