ब्लिट्ज ब्यूरो
मेरठ। सोचिए, कोई आपका पीछा कर रहा हो और आप मदद मांगना चाहती हैं। ठीक उसी वक्त आपके मोबाइल पर किसी का फोन आ जाए तो पीछा करने वाला भी एक बार को झिझक जाएगा।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में स्थित सर छोटूराम इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी के छात्रों ने ‘शी शील्ड’ प्रोजेक्ट के तहत ऐसा पोर्टल बनाया है, जिसमें विपत्ति के समय महिलाओं का मोबाइल फोन बज उठेगा। फोन पर बात करते हुए वे सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकती हैं।
यह काल किसी करीबी की भी हो सकती है। फोन नहीं उठने पर पोर्टल खुद काल कर महिला से बात करेगा। संस्थान में आयोजित प्रतियोगिता में भी यह प्रोजेक्ट विजेता रहा है। छात्र जल्द ही इस प्रोजेक्ट के तहत मोबाइल एप्लीकेशन भी विकसित करेंगे।
पोर्टल महिला के करीबियों को अलर्ट मैसेज के साथ उसकी लोकेशन भी भेजेगा
‘सुरक्षित रहें, सशक्त रहें’ के ध्येय वाक्य के साथ विकसित इस पोर्टल के जरिये छात्राएं व महिलाएं असहज स्थिति में करीबी की काल या पोर्टल की फेक काल रिसीव करने के साथ ही सुरक्षित मोबाइल नंबरों पर अपनी लोकेशन भी साझा कर सकती हैं। इससे पहले पोर्टल महिला के करीबियों को अलर्ट मैसेज के साथ उसकी लोकेशन भी भेज देगा।
इसके अलावा सेफ्टी टाइमर फीचर के तहत निर्धारित समय पर फोन आने सहित अन्य अलर्ट सेव करने पर निर्धारित समय पर फोन की घंटी या अन्य अलर्ट पहुंचना शुरू हो जाएगा। इसे विकसित करने वाली टीम के लीडर उत्कर्ष गौर बीटेक आईटी के छात्र हैं।
पोर्टल महिलाओं को आसपास के सुरक्षित व भीड़भाड़ वाले स्थानों की जानकारी देगा। इसमें ट्रेबल सेफ्टी के तहत लोकेशन साझा करने, कैब का विवरण जांचने और सतर्क रहने की सुविधा दी गई है। वहीं लाइट सेफ्टी में महिलाओं को रोशनी वाले रास्तों से गुजरने, फोन चार्ज रखने और परिचित को अपने पहुंचने का समय व रास्ते की जानकारी पहले से देने का सुझाव है।
पोर्टल पर महिलाएं अपना मेडिकल विवरण भी डाल सकती हैं, ताकि जरूर पड़ने पर उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के समय भी मदद मिल सकेगी। वुमन हेल्पलाइन, पुलिस कंट्रोल रूम, वुमन पुलिस हेल्पलाइन, घरेलू हिंसा, चाइल्ड हेल्पलाइन, इमरजेंसी एंबुलेंस, 108 इमरजेंसी के साथ ही अपोलो एंबुलेंस, मेडी असिस्ट एंबुलेंस, रेडक्रास एंबुलेंस आदि को एक ही प्लेटफार्म पर शामिल किया है।

