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महिलाओं-बेटियों को ड्राइविंग सिखाएगी योगी सरकार

Yogi government will teach driving to women and daughters
ब्लिट्ज ब्यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत विगत दिवस पूरे प्रदेश में ‘ड्राइविंग माय ड्रीम्स’कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
इस अभियान में प्रत्येक जिले से 100-100 महिलाओं और बेटियों का चयन कर उन्हें एक महीने तक मुफ्त ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा। लड़कियों को इसके जरिए आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा। लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा और कामकाज में किसी प्रकार की दिक्क त न हो; इसके लिए सुरक्षित माहौल बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इस प्रकार के पाठ्यक्रम से इच्छुक महिलाएं और लड़कियों को फायदा हो जाएगा।
महिलाएं होंगी सशक्त
मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय बालिका सप्ताह थीम पर की गई है। इसमें खासकर डिग्री कॉलेजों व विश्वविद्यालयों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। ग्रामीण अंचल की बेटियां भी इसमें शामिल हुईं ं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यातायात नियमों की जानकारी दी गई और दक्ष प्रशिक्षकों ने ड्राइविंग के बारीक गुर सिखाए। बेटियों ने पहली बार स्टीयरिंग थामकर वाहन चलाने का अनुभव किया और आत्मविश्वास से भर गईं।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को ड्राइविंग लाइसेंस भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं-लड़कियां न केवल खुद वाहन चला सकें बल्कि जरूरत पड़ने पर इसे रोजगार का साधन भी बना सकें। 11 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस भी विशेष रूप से मनाया जाएगा।
जल संरक्षण पर सीएम का संदेश
इसके अलावा नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संकट आज सामूहिक चिंता का विषय है और इसे केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनांदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। सीएम ने स्पष्ट कहा कि जैसे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान ने वृक्षारोपण को जनभागीदारी से सफल बनाया वैसे ही तालाब, चेकडैम और ब्लास्टकूप निर्माण को भी सामूहिक प्रयासों से व्यापक पैमाने पर चलाया जाए।
सिंचन क्षमता, भूजल रिचार्ज में सफलता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 6,448 चेकडैमों का निर्माण हो चुका है जिससे 1.28 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है और हर साल 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है। 2017 से अब तक 1002 चेकडैमों की मरम्मत और 1343 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया है। इसी तरह 6192 ब्लास्टकूपों से 18,576 हेक्टेयर सिंचन क्षमता तैयार हुई है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर वर्ष बरसात से पहले कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए ताकि तालाब रिचार्ज के लिए तैयार हों। बरसात के बाद इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए उपयोग में लाया जाए जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

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