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युवा रिस्क लेने से न डरें सरकार आपके साथ : मोदी

Youth should not be afraid of taking risks, the government is with you: Modi
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विगत दिवस भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में शामिल हुए। वहां उन्होंने युवाओं द्वारा बनाए गए नए आइडिया और इनोवेशन पर आधारित प्रदर्शनी देखी।
मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा- पहले सीएम और अभी प्रधानमंत्री के रूप में मुझे हमेशा युवा पीढ़ी पर बहुत ज्यादा विश्वास रहा है। आपकी एनर्जी से मुझे भी एनर्जी मिलती है। उन्होंने कहा- देश का जेन जेड क्रिएटिविटी से भरा है और नए आइडिया, एनर्जी और मकसद के साथ युवा देश बनाने में सबसे आगे हैं। युवाओं के लिए अलग-अलग सेक्टर में कई मौके हैं। रिस्क लेने से न डरें, सरकार आपके साथ है।
मोदी ने कहा- डिजिटल इंडिया ने देश में क्रिएटर्स का एक नया वर्ग तैयार किया है। आज भारत में ऑरेंज इकोनॉमी यानी संस्कृति, कंटेंट और क्रिएटिविटी तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारे पास रामायण, महाभारत जैसी अनगिनत कहानियां हैं। अब सवाल यह है कि क्या हम इन कहानियों को गेमिंग की दुनिया तक ले जा सकते हैं?
पीएम के स्पीच की बड़ी बातें
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी हर युवा के लिए प्रेरणा हैं। स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए हर साल 12 जनवरी को हम राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं, उन्हीं की प्रेरणा से आज 12 जनवरी को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के लिए चुना गया है।
आपने यहां जो प्रेजेंटेशन रखे, वे दिखाते हैं कि हमारी अमृत पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण के लिए कितनी संकल्पित है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत में ‘जेन जेड’ का मिजाज क्या है। भारत का ‘जेन जेड’ कितनी रचनात्मकता से भरा हुआ है।
2047 में देश की आजादी के 100 साल पूरे होंगे। वहां तक पहुंचने का सफर भारत के लिए बहुत अहम है।
मैंने जब आपसे बातचीत शुरू की तो 2014 का जिक्र किया था, तब आपमें से ज्यादातर युवा 8-10 साल के रहे होंगे। आपने पॉलिसी पैरालिसिस का वह दौर नहीं देखा जब उस समय की सरकार की इसलिए आलोचना होती थी क्योंकि वह समय पर फैसले नहीं लेती थी और जो फैसले होते थे वह जमीन पर ठीक से लागू नहीं होते थे।
दूसरा संस्करण
‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का यह दूसरा संस्करण है। यह एक राष्ट्रीय मंच है, जिसका मकसद देश के युवाओं को सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व से जोड़ना है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए उस आह्वान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने बिना किसी राजनीतिक जुड़ाव के एक लाख युवाओं को देश के विकास से जोड़ने की बात कही थी। 9 से 12 जनवरी तक चले रहे इस कार्यक्रम में देशभर से 50 लाख से ज्यादा युवाओं ने अलग-अलग स्तर पर हिस्सा लिया। इनमें से राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए युवाओं का चयन तीन चरणों में हुआ। इस चयन प्रक्रिया में डिजिटल क्विज, निबंध प्रतियोगिता और राज्य स्तर पर विजन प्रेजेंटेशन शामिल थे। इस बार कार्यक्रम में कुछ नए सेशन भी जोड़े गए।

मंडाविया बोले- युवा ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म से जुड़े रहें
कार्यक्रम के अंतिम दिन केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई दी और कहा कि उन्हें देशभर के करीब 50 लाख युवाओं में से चुना गया है, जो उन पर देश और राज्यों के भरोसे को दिखाता है। मंडाविया ने कहा कि इस मंच के जरिए युवा सीधे भारत सरकार से जुड़े हैं और जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रखेंगे। उन्होंने युवाओं से ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म से जुड़े रहने और अपने राज्यों में जिला युवा अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने की अपील भी की।

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