गुलशन वर्मा
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पीएम मोदी ने भाजपा हैडक्वॉर्टर में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत यमुना मैया की जय के नारे के साथ की। उन्होंने कहा- आज दिल्ली के लोगों में एक उत्साह भी है और सुकून भी। उत्साह विजय का है, सुकून दिल्ली को आप-दा से मुक्त कराने का है। आपने दिल खोलकर प्यार दिया। मैं दिल्लीवालों को नमन करता हूं।
उन्होंने कहा कि हम यमुना मैया को दिल्ली की पहचान बनाएंगे। आम आदमी पार्टी ने यमुना का बार-बार अनादर किया।
विजय मिले तो विनम्रता को नहीं छोड़ना
मैंने हमेशा जिस मंत्र को जिया है, जिसे मैं स्मरण करता हूं वो है हमें हमेशा, जब-जब विजय मिले अपनी नम्रता को कभी छोड़ना नहीं है, विवेक, समाजसेवा के भाव को नहीं छोड़ना है। हम सत्ता सुख के लिए नहीं सेवा भाव के लिए आए हैं। हम शक्ति और समय सेवा के लिए जीवन खपा देंगे, इस संकल्प के साथ हम आगे बढ़ें। दिल्ली और एनसीआर के विकास के सपने सोचे हैं, उसे पूरा करके रहें।
आजादी के वक्त वाली कांग्रेस नहीं रही
पीएम ने कहा कि कांग्रेस का हाथ थामने वाले इसलिए भी बर्बाद हो रहे हैं, क्योंकि आज कांग्रेस वो कांग्रेस नहीं है। कांग्रेस के नेता कहते हैं कि वो इंडियन स्टेट से लड़ रहे हैं, ये नक्सलियों की भाषा है। ये समाज-देश में अराजकता लाने की भाषा है। आप-दा भी उसी सोच को आगे बढ़ा रही थी। ये सोच राष्ट्र की उपलब्धियों पर अटैक करती है। ये सोच दुनिया में अपनी ही सोच का आर्थिक-सामाजिक और राजनीतिक निजाम लाना चाहती है। पीएम ने कहा कि इसी वजह से मैंने एक लाख नौजवानों को राजनीति में आने को कहा है। देश को सही मायने में एक गंभीर पॉलिटिकल ट्रांसफॉर्मेशन की जरूरत है, विकसित भारत को नई प्राण शक्ति की जरूरत है, राजनीति को नए आइडिया, राजनीति और चिंतन की जरूरत है। अच्छे नौजवान बेटे-बेटियां राजनीति में नहीं आएंगे तो ऐसे लोग कब्जा कर लेंगे जो राजनीति में नहीं आने चाहिए।
– आप की हार से अन्ना हजारे को पीड़ा से मुक्ति मिली
– एक के बाद एक सहयोगियों को खत्म कर रही है कांग्रेस
सफलता-असफलता अपनी जगह पर है, लेकिन देश को धूर्तता, मूर्खता की राजनीति नहीं चाहिए। देश का तेजस्वी युवा अगर राजनीति में नहीं आएगा तो देश धूर्तता-मूर्खता की राजनीति में फंस जाएगा।
हमें राजनीति में नयापन लाना है। ये जीत नई जिम्मेदारी लेकर आई है। भाजपा रिफॉर्म-परफॉर्म की गारंटी देती है। दिल्लीवासी जुड़ जाएंगे तो ट्रांसफॉर्मेशन और तेजी से आएगा। हम मिलकर दिल्ली को विकसित भारत की विकसित राजधानी बनाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति का अध्ययन करने वालों पर एक काम छोड़ता हूं। आप देखना कि 2014 के बाद कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने 5-7 साल तक हिंदू बनने की कोशिश की। मंदिरों में जाना, माला पहनना, उन्हें लगा ऐसे भाजपा के वोट बैंक में सेंध मारेंगे। आपने देखा होगा पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने यह रास्ता बंद कर दिया। अब राज्यों की अलग-अलग पार्टियों पर उनकी नजरें हैं। पार्टियां समझ गई होंगी कि ये उनको ही खा रहे हैं। इंडी गठबंधन के दल अब कांग्रेस का कैरेक्टर समझने लगे हैं। उन्हें एहसास हो रहा है कि जिस वोट बैंक को उन्होंने छीना, कांग्रेस उसे वापस पाने में जुटी है।
कांग्रेस अब परजीवी पार्टी
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जनता ने फिर एक बार कांग्रेस को कड़ा संदेश दिया है। दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस ने जीरो की डबल हैट्रिक लगाई है। देश की राजधानी में देश की सबसे पुरानी पार्टी का लगातार दिल्ली में 6 बार से खाता नहीं खुल रहा है। ये लोग खुद गोल्ड मेडल देते फिर रहे हैं। पीएम ने कहा, सच्चाई यह है कि कांग्रेस पर देश बिल्कुल भरोसा करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस परजीवी पार्टी बन चुकी है। खुद तो डूबती है, अपने साथियों को भी डुबोती है। कांग्रेस एक के बाद एक सहयोगियों को खत्म कर रही है। तरीका मजेदार है। आप-दा वाले यह कहकर राजनीति में आए थे कि राजनीति बदल डालेंगे, लेकिन ये कट्टर बेईमान निकले।
श्रीमान अन्ना हजारे का बयान सुन रहा था। वे काफी समय से इन आप-दा वालों के कुकर्मों की पीड़ा झेल रहे थे। आज उन्हें भी उस पीड़ा से मुक्ति मिली होगी।
































