ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज अगले 5 साल में हवाई अड्डों के विकास पर 11 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी में है। इसी कड़ी में कंपनी सरकार द्वारा निजी क्षेत्र को लीज पर दिए जाने वाले 11 हवाई अड्डों के लिए आक्रामक बोली लगाने की योजना बना रही है। फिलहाल अडाणी एयरपोर्ट्स देश में सात हवाई अड्डों का प्रबंधन कर रही है। कंपनी मुंबई के पास एक नया हवाई अड्डा भी बना रही है, जो इसी महीने चालू होने वाला है। यह पहला हवाई अड्डा होगा जिसे कंपनी ने बिल्कुल शुरुआत से बनाया है।
भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडाणी के नेतृत्व वाला यह ग्रुप हाल के वर्षों में तेजी से विस्तार कर रहा है। अडाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड ( एएएचएल) पहले से ही भारत में सबसे ज्यादा हवाई अड्डों का संचालन करने वाली कंपनी है। वहीं जीएमआर ग्रुप यात्रियों की संख्या के मामले में सबसे बड़ा ऑपरेटर है। केंद्र सरकार कुछ हवाई अड्डों को लंबी अवधि के लिए निजी कंपनियों को लीज पर दे रही है। साथ ही, नए हवाई अड्डे बनाने के लिए भी प्रोत्साहन दे रही है।
सरकार का लक्ष्य 2047 तक देश में 350 से 400 हवाई अड्डे बनाने का है, जबकि अभी इनकी संख्या 163 है। इसी साल की शुरुआत में सरकार ने 11 हवाई अड्डों को लीज पर देने की योजना का एलान किया था। इनमें अमृतसर और वाराणसी के अलावा कुशीनगर, गया, भुवनेश्वर, हुबली, कांगड़ा, रायपुर, तिरुचिरापल्ली, औरंगाबाद और तिरुपति शामिल हैं।
एएएचएल के डायरेक्टर जीत अडाणी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि कंपनी इन सभी 11 हवाई अड्डों के लिए बोली लगाएगी। जीत ने बताया कि एएएचएल को पब्लिक में लिस्ट करने की कोई तय समय-सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि आईपीओ या डी-मर्जर तभी होगा जब कुछ खास लक्ष्य हासिल कर लिए जाएंगे।






























