ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (रविवार), 01 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश का बजट पेश कर दिया है। इस दौरान वित्त मंत्री ने कैंसर के मरीजों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के कई एलान किए हैं। बजट का मुख्य फोकस विकसित भारत बनाने पर है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट है जो भारतीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है। यह बजट मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट है और पहली बार रविवार को पेश किया गया है। बजट का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत@2047 के सपने को साकार करना है। इसमें विकास, रोजगार, आत्मनिर्भरता, गरीबी कम करना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद महत्वाकांक्षा और समावेश का संतुलन बनाना है। वैश्विक बाजारों से जुड़ना और मजबूत वित्तीय क्षेत्र बनाना है।
उन्होंने कहा कि यह बजट सबका विकास सुनिश्चित करेगा। गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को मजबूत बनाएगा। भारत आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। वित्त मंत्री ने बजट में 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की घोषणा की है। साथ ही 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाने का भी एलान किया।
हाई क्वालिटी के आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्सका एक्सपोर्ट करेंगे’
युवाओं को करियर पाथवे उपलब्ध कराने के लिए स्कीम लाई जाएगी। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल बनेंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग देंगे।
भारतीय योग दुनियाभर में फैले, इसके लिए क्वालिटी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देंगे।
आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाए जाएंगे।
जामनगर में डब्ल्यूएचओ ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार के बजट को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए कई एलान किए हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 2026-27 का आम बजट भारत के सामने असली चुनौतियों और संकटों को नजरअंदाज करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवा बिना नौकरी के संघर्ष करने को मजबूर हैं। देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट दिख रही है। किसान परेशान हैं। निवेशक शेयर बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। ऐसे तमाम पहलुओं को बजट में नजरअंदाज किया गया।
केंद्र सरकार के बजट 2026 के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शेयर बाजार गिरने को बजट का असर बताते हुए कहा कि यह आम जनता नहीं, सीमित वर्ग के हित में है। उनके मुताबिक महंगाई के बावजूद टैक्स राहत नहीं दी गई और बेरोजगारों, किसानों, मजदूरों व मध्यम वर्ग के लिए ठोस प्रावधान नहीं हैं। उन्होंने बजट को निराशाजनक बताया. सरकार ने इसे विकास और निवेश केंद्रित बताया है।
































