ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नई योजना ‘वीबी-जी राम जी’ को लागू करने की तैयारी के साथ ही इसके लिए 95,692.31 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि मनरेगा के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मनरेगा के लिए मौजूदा वित्त में 86,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसे संशोधित कर 88,000 करोड़ रुपये किया गया। ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन-ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत साल में 125 दिनों के काम का वादा किया गया है। यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 के तहत बनी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल की दो दशक पुरानी ग्रामीण रोजगार योजना का स्थान लेगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक ‘वीबी-जी राम जी’ पूरी तरह अमल में नहीं आ जाती और इसके तहत लंबित कार्य पूरे नहीं हो जाते।
ग्रामीण विकास विभाग को
1,94,368.81 करोड़ बजट
दस्तावेजों के अनुसार, मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के लिए कुल 1,94,368.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वित्त वर्ष के 1,86,995.61 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से थोड़ा अधिक है। वर्ष 2026-27 के लिए भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए 2,651 करोड़ रुपये का आवंटन था, जबकि संशोधित अनुमान के अनुसार वास्तविक खर्च 1,757.4 करोड़ रुपये रहा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 19,000 करोड़ मिले: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है। हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपये हुआ था।
ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए
19,200 करोड़ का प्रस्ताव
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ खर्च हुए।
गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए सबसे ज्यादा धन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए सबसे ज्यादा 2,27,429 करोड़ रुपये का प्रावधान है, हालांकि यह चालू वित वर्ष की तुलना में 325 करोड़ रुपये कम है। वहीं, सरकार का लक्ष्य 2027 तक लखपति दीदी की संख्या को बढ़ाकर तीन करोड़ तक पहुंचाना है।
क्या है रिफॉर्म एक्सप्रेस
रिफॉर्म एक्सप्रेस का मतलब है-नीतिगत फैसलों में तेजी लाना और पुराने और जटिल कानूनों का सरलीकरण करना। साथ ही इसका मकसद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना और निवेश तथा रोजगार सुजन पर फोकस करना है। रिफॉर्म एक्सप्रेस हमारे कर्तव्यों को पूरा करने के लिए अपनी गति बनाए रखेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि सरकार का मूल मंत्र ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म है। रिफॉर्म से अर्थव्यवस्था, उद्योग, रोजगार और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव कर रही है।
ग्रामीण पेयजल मिशन के लिए
67,670 करोड़ आवंटित
इसके अलावा ‘जल जीवन मिशन-राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन’ के लिए आवंटन 17,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 67,670 करोड़ रुपये किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवंटन 63,500 करोड़ रुपये पर स्थिर रखा गया है। पीएम फसल बीमा योजना में 12,200 करोड़, पीएम आशा के लिए 7,200 करोड़ रुपये बजट का आवंटन किया गया है।
वर्ष 2027 तक तीन करोड़
लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
लखपति दीदी योजना के तहत अब सकन्दो करोड़ महिलाएं सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य 2027 तक इस संख्या को तीन करोड़ तक पहुंचाना है।
पीएमएवाई-जी को 54,916.70 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए है। पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपये थी और संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
































