ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जलवायु परिवर्तन के समाधान की दिशा में भारत का पहला मुंबई क्लाइमेट वीक (एमसीडब्ल्यू) 17 से 19 फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन ग्लोबल साउथ देशों के लिए जलवायु नेतृत्व का नया मंच तैयार करेगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वैश्विक स्तर के सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग जगत के नेता, जलवायु विशेषज्ञ, संस्थाए, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस पहल का आयोजन स्वयंसेवी संस्था प्रोजेक्ट मुंबई द्वारा किया जा रहा है, जिसे महाराष्ट्र सरकार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, एमएमआरडीए और बृहन्मुंबई महानगरपालिका का सहयोग हासिल है।
जियो कन्वेंशन सेंटर में कार्यक्रम
कार्यक्रम जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा जबकि शहरभर के महाविद्यालयों, सामुदायिक केंद्रों और सांस्कृतिक संस्थानों में ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, वास्तविक जलवायु समाधान को प्रदर्शित और विस्तार देने पर विशेष ध्यान रहेगा।
30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, सरकार, वित्त, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र के सदस्य इसमें भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिलेरी क्लिंटन, बिल गेट्स, राजीव शाह, आईएफसी के इमाद फखुरी, क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर और देश के वरिष्ठ नेता, उद्योगपति, परोपकारी और पर्यावरण कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सुरक्षित भविष्य का संकल्प
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह आयोजन भारत की जलवायु विषयक सक्रिय नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। सरकार, उद्योग, वित्त, विशेषज्ञ और युवाओं को एक मंच पर लाना स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य के प्रति महाराष्ट्र की प्रतिबद्धता का संकेत है। प्रोजेक्ट मुंबई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिशिर जोशी ने कहा कि यह पहल जलवायु संकट के सामने मुंबई की दृढ़ता और रचनात्मकता को दर्शाती है। इसे भारत का पहला व्यापक नागरिक-आधारित जलवायु आंदोलन बताया गया है।





























