ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संगीतकार एआर रहमान और फिल्म पोन्नियिन सेल्वन 2 के निर्माताओं से फिल्म के गीत वीरा राजा वीरा के लिए डागरवानी परंपरा के योगदान को भी स्वीकार करने को कहा। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ध्रुपद गायक उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें सितंबर 2025 के दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश चुनौती दी गई थी जिसमें कहा गया था कि जूनियर डागर ब्रदर्स की ‘शिव स्तुति’ के शास्त्रीय गायन की रचना के प्रथम दृष्टया कोई सबूत नहीं है। सुनवाई के दौरान पीठ ने डागर के वकील से कहा, प्रथम प्रस्तुति का अर्थ यह नहीं है कि रचनाकार आप ही हैं। आपका मामला प्रथम प्रस्तुति से ही रचनाकार होने का अनुमान लगाने पर आधारित है।
मुद्दा यह है कि क्या आप इसके रचयिता थे या आपने इसे डागर परंपरा से प्राप्त किया और पहली बार गाया? इस पर वकील ने कहा, मैं एक विशिष्ट रचना पर अधिकार का दावा कर रहा हूं। मेरा अधिकार रचना पर है। मेरे पिता और भाई ने इसकी रचना की थी। पीठ ने फिर डागर के वकील से पूछा कि क्या वे राग की मौलिकता का दावा कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने कहा कि अधिकार रचना पर है, न कि गायन शैली पर। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि डागरवानी परंपरा के योगदान को स्वीकार किया जाना चाहिए।























