ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की गोमती नदी जल्द ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। गोमती नदी में आलीशान टूरिस्ट क्रूज चलाने की तैयारी है। इसको लेकर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि क्रूज का संचालन हनुमान सेतु से गोमती बैराज के बीच में किया जाएगा, जो कि 30 से 45 मिनट में एक चक्क र पूरा करेगा। क्रूज पर एक साथ 200 लोग सैर कर सकेंगे। हनुमान सेतु के पास गोमती रिवर फ्रंट पर क्रूज के निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है। ये परियोजना पूरी तरह से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित की जा रही है।
क्रूज में ये सुविधाएं मिलेंगी
क्रूज की लंबाई 45 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर होगी। इसमें एक बार में 200 लोग सवार होकर नदी की सैर कर सकेंगे। क्रूज के बेसमेंट में आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटल स्क्रीन और वीआईपी लाउंज होंगे। वहीं, ऊपरी हिस्से में ओपन रेस्टोरेंट की सुविधा होगी। क्रूज की सैर के लिए प्रति व्यक्ति 300 रुपये टिकट प्रस्तावित है। लंच, डिनर और बुफे की सुविधा के लिए अलग से भुगतान करना होगा। टूरिस्ट क्रूज पर कैप्टन समेत 5 मरीन क्रू-मेंबर्स तैनात होंगे। इसके साथ ही राइड शुरू होने पर कैप्टन द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए क्रूज पर मौजूद लोगों को संबोधित किया जाएगा।
5 महीने में शुरू हो जाएगा संचालन
इसके अलावा बच्चों को क्रूज की विशेषताओं और संचालन के साथ ही मरीन लाइफ के बारे में रोचक जानकारियां दी जाएंगी। साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए तरह-तरह की मनोरंजक गतिविधियां भी होंगी। इस संबंध में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि क्रूज का संचालन 5 महीने में शुरू हो जाएगा। यह शहर में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनेगा। रविवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल निरीक्षण करके प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने 5 महीने में क्रूज का निर्माण पूरा करके इस संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
एलडीए को हर साल 16 लाख देने होंगे
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि गोमती पर टूरिस्ट क्रूज के संचालन के लिए आरएफपी को आमंत्रित किया गया था जिसके माध्यम से कोलकाता की कंपनी मेसर्स बालाजी सेल्स एंड पूर्णिमा इंटरप्राइजेज का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने हनुमान सेतु के पास रिवर फ्रंट पर क्रूज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। प्रथमेश कुमार ने बताया कि क्रूज का निर्माण लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा जिसका पूरा खर्च कंपनी की ओर से उठाया जाएगा। क्रूज का संचालन शुरू होने पर कंपनी को प्रतिवर्ष 16 लाख रुपये एलडीए को रेवेन्यू के तौर पर देने होंगे।
























