ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बच्चों और खिलाड़ियों की सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसको लेकर लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी के स्तर पर योजना तैयार की गई है। दरअसल, राजधानी में समतामूलक चौक से डालीगंज के बीच ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने योजना का निरीक्षण किया। इसी दौरान ग्रीन कॉरिडोर के नीचे तीन स्पोर्ट्स एरीना के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। यहां बच्चे और खिलाड़ी अभ्यास कर पाएंगे।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने स्पोर्ट्स एरीना के निर्माण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निशातगंज पुल, हनुमान सेतु और डालीगंज पुल के पास नवनिर्मित ग्रीन कॉरिडोर के नीचे 3 स्थानों पर स्पोर्ट्स एरीना विकसित किए जाएंगे। इसमें बैडमिंटन, बास्केटबॉल, टेनिस, पिकेल बॉल और बॉक्स क्रिकेट आदि की सुविधा मिलेगी। बच्चों एवं युवाओं के लिए किड्स प्ले-एरिया और ओपन जिम भी रहेगा।
अंतिम चरण में है निर्माण
एलडीए की ओर से ग्वारी फ्लाईओवर के नीचे स्पोर्ट्स एरीना विकसित किया है। वहां बास्केटबॉल और बैडमिंटन आदि की सुविधा है। एलडीए वीसी ने कहा कि ग्वारी की तर्ज पर ग्रीन कॉरिडोर के नीचे भी खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। समतामूलक चौक से डालीगंज पुल तक ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण अंतिम चरण में है। वीसी ने उम्मीद जताई कि इसी माह लोकार्पण के बाद इसे नागरिकों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
वीसी ने दिए निर्देश
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने ग्रीन कॉरिडोर के नवनिर्मित चौराहों पर स्कल्पचर्स लगाने, मीडियन पर पौधरोपण कराने के निर्देश दिए। साथ ही, निशातगंज से हनुमान सेतु के बीच विकसित किए गए स्ट्रेच में डबल आर्म स्ट्रीट लाइट्स लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान वीसी ने कहा कि खाटू श्याम मंदिर प्रांगण के पास पार्किंग एवं वेंडिग जोन विकसित किया जाएगा। इससे आने वाले समय में सड़क पर किसी तरह का अतिक्रमण नहीं हो सकेगा।
उर्मिला वन स्लिप रोड से जुड़ेगा
एलडीए की ओर से कुकरैल नदी के पास लगभग 18 एकड़ क्षेत्रफल में उर्मिला वन विकसित किया जा रहा है। अभी यहां आने-जाने के लिए बंधा रोड ही एक मात्र विकल्प है। बंधा रोड काफी संकरी है। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने कुकरैल नदी की तरफ से उर्मिला वन एवं रिवर फ्रंट को जोड़ने के लिए स्लिप रोड के निर्माण का निर्देश दिया। स्लिप रोड बनने से इन दोनों जगह आना-जान बेहद आसान हो जाएगा। साथ ही, क्षेत्र की उपयोगिता भी बढ़ेगी।
























