ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सपना पूरा करने के लिए कोई उम्र नहीं होती और हौसला हो तो मंजिल खुद रास्ता बना लेती है। ये लाइनें सटीक बैठती हैं दीपा भाटी पर, जिन्होंने 3 बच्चों की मां होकर अपने लक्ष्य को जिम्मेदारियों के बोझ से दबने नहीं दिया। शादी, घर और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच किताबें उठाईं तो लोगों ने ताने दिए लेकिन वह आगे बढ़ती रहीं और कभी समझौता नहीं किया। कड़ी मेहनत और सफलता के जुनून से उन्होंने 40 की उम्र में परीक्षा क्रैक कर हर ताने और उन पर उठने वाले सवालों का जवाब दिया।
एक इंटरव्यू में दीपा बताती हैं कि वह छोटे से गांव कोंडली बांगर के एक साधारण परिवार से आती हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने केमिस्ट्री से ग्रेजुएशन और इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।
कम उम्र में शादी, 3 बच्चे फिर भी साधा लक्ष्य
दीपा की शादी कम उम्र में ही करा दी गई थी लेकिन उनका सपना बड़ा था। मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा हमेशा रहती थी। उनके 3 बच्चे हो गए थे। जल्दी शादी होने और बच्चों के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था और एक समय ऐसा आ गया था जब उनकी पढ़ाई छूट गई थी लेकिन अपना लक्ष्य साधने के लिए हर हाल में आगे बढ़ना चाहती थीं। घर और बच्चों की जिम्मेदारी के बीच दीपा ने एक स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया था। बाद में कुछ दिक्क तों की वजह से उन्होंने जाॅब छोड़ दी। इस बीच उनके एक भाई ने सिविल सेवा की राह दिखाई और यूपीपीएससी की परीक्षा देने की सलाह दी।

























