ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।भारत ने 137 अरब डॉलर से अधिक राशि विदेशों से धनप्रेषण के रूप में हासिल कर दुनिया में शीर्ष स्थान बरकरार रखा और वह 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करने वाला एकमात्र देश रहा।
संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने यह जानकारी दी। इसकी रिपोर्ट के अनुसार, भारत विदेशों से लगातार सबसे अधिक प्रेषण पाने वाला देश बना हुआ है।
भारत के बाद मैक्सिको का स्थान है। वर्ष 2024-25 में भारत, मेक्सिको, फिलीपीन और फ्रांस वैश्विक स्तर पर धनप्रेषण पाने के मामले में शीर्ष चार देशों में शामिल रहे।
क्षेत्रीय स्तर पर दक्षिण एशिया में 2024-25 के दौरान प्रेषण में 11.8 प्रतिशत की सबसे तेज वृद्धि का अनुमान है। उच्च आय वाले देश इसके प्रमुख स्रोत बने हुए है। अमेरिका से 2024-25 में सर्वाधिक 100 अरब डॉलर से अधिक राशि दूसरे देशों को भेजी गई। उसके बाद सऊदी अरब (46 अरब डॉलर से अधिक), स्विट्जरलैंड (करीब 40 अरब डॉलर) और जर्मनी (लगभग 24 अरब डॉलर) का स्थान रहा।













