ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) रांची ने इस साल प्लेसमेंट के मामले में एक नया इतिहास रच दिया है। इंस्टीट्यूट ने न केवल अपने नियमित एमबीए छात्रों के लिए शानदार नौकरियां सुनिश्चित की हैं, बल्कि इसके एग्जीक्यूटिव एमबीए (ईएमबीए) प्रोग्राम के एक छात्र ने देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आईआईएम रांची के एक ईएमबीए छात्र को 1.2 करोड़ रुपये का पैकेज ऑफर मिला है। यह उपलब्धि इंस्टीट्यूट के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह आईइएम रांची के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा प्लेसमेंट पैकेज माना जा रहा है।
एमबीए और अन्य कोर्सेज में भी रही धूम
इंस्टीट्यूट ने इस साल अपने विभिन्न कोर्सेज के लिए प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी की है, जो छात्रों की मेहनत और आईइएम रांची की बढ़ती साख को दर्शाती है। एमबीए कोर्स में सबसे ऊंचा डोमेस्टिक पैकेज 52.50 लाख रुपये सालाना रहा है।
एमबीए प्रोग्राम के लिए औसत सैलरी 17.50 लाख रुपये के आसपास रही, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है। मानव संसाधन और बिजनेस एनालिटिक्स के छात्रों को भी प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने आकर्षक पैकेज पर नियुक्त किया है।
ईएमबीए: अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए बना मील का पत्थर
एग्जीक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम मुख्य रूप से उन लोगों के लिए होता है जिनके पास पहले से काम करने का अनुभव है। इस साल इस प्रोग्राम के छात्र को मिला 1.2 करोड़ का पैकेज यह साबित करता है कि अनुभव के साथ सही डिग्री करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है। इंस्टीट्यूट के अनुसार, प्लेसमेंट के इस दौर में मुख्य रूप से आईटी, कंसल्टिंग, ई-कॉमर्स, और बैंकिंग व फाइनेंस (सीएफएसआई) क्षेत्रों की दिग्गज कंपनियों ने हिस्सा लिया।
इस साल आईइएम रांची के कैंपस में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एक्सेंचर, टाटा स्टील, और अमेजन जैसी 150 से अधिक दिग्गज कंपनियां पहुंचीं। भर्ती प्रक्रिया के दौरान छात्रों के न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि उनके लीडरशिप स्किल्स और समस्या सुलझाने की क्षमता पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
डायरेक्टर का संदेश व भविष्य की योजनाएं
आईआईएम रांची के डायरेक्टर ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों के समर्पण और फैकल्टी के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल के लीडर तैयार करना है। 1.2 करोड़ का पैकेज हमारे शैक्षणिक मानकों की पुष्टि करता है।” संस्थान अब अपने कोर्स को ‘इंडस्ट्री 4.0’ की जरूरतों के हिसाब से और अधिक अपडेट करने पर विचार कर रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में छात्र एआई और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में भी अपनी धाक जमा सकें।













