ब्लिट्ज ब्यूरो
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में शीर्ष स्तर पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत की गई है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति होने के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी आदेश में कहा गया है कि न्यायमूर्ति विवेक रूसिया नियमित मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होने तक इस पद के कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कौन हैं न्यायमूर्ति विवेक रूसिया?
न्यायमूर्ति विवेक रूसिया मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। उनका जन्म 2 अगस्त 1969 को जबलपुर में हुआ था। उन्होंने बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 8 अगस्त 1992 को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।
उनके पिता स्वर्गीय प्रभाकर रूसिया मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। न्यायमूर्ति रूसिया ने अपने करियर की शुरुआत वरिष्ठ अधिवक्ताओं पी. सदाशिवन नायर, इंदिरा नायर और बाद में पटना एवं दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे राजेंद्र मेनन के साथ की।
उन्हें जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष मामलों में भारत संघ की ओर से पेश होने के लिए तीन साल की अवधि के लिए भारत सरकार के स्थायी वकील के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक, सेवा, राजस्व, कराधान, मध्यस्थता आदि मामलों में पैरवी की।













