ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि एक दशक में भारत की रक्षा क्षमताओं में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के विजन, नई तकनीक और स्वदेशी निर्माण ने भारत को मजबूती दी है। प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों के सफर का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे भारत ने जल, थल और नभ में अपनी ताकत बढ़ाई है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत नींव करार दिया। वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए राज्यों को केंद्र सरकार की श्रेष्ठ प्रशासनिक और सुशासन संबंधी पहलों को अपनाना चाहिए।
रक्षा बाजार में बड़े निर्यातक के रूप में स्थापित हो रहा देश
नई दिल्ली। हाल में जारी रुबिक्स डेटा साइंसेज की रिपोर्ट के अनुसार, भारत तेजी से वैश्विक रक्षा बाजार में एक बड़े निर्यातक के रूप में स्थापित हो रहा है। भारत 80 से अधिक देशों को सैन्य सामान निर्यात कर रहा है।
निर्भरता घटाई, सप्लायर बदले
सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अभी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक है, लेकिन उसने रूस पर अपनी निर्भरता को 70 फीसदी (2011-15) से घटाकर 40 फीसदी (2021-25) कर दिया है। अब भारत फ्रांस (29 फीसदी) और इजरायल (15 फीसदी) जैसे देशों से रक्षा आयात कर रहा है।
घरेलू हिस्सेदारी पर जोर
डिफेंस इंडस्ट्री इनसाइट्स नाम से जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लगभग 65 फीसदी रक्षा उपकरण अब घरेलू स्तर पर ही निर्मित किए जा रहे हैं। इस स्वदेशीकरण के पीछे 16 हजार से अधिक एमएसएमई नेटवर्क और 1,000 से अधिक रक्षा स्टार्टअप्स है, जिन्होंने 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का फंड जुटाया है। यह मजबूत ढांचा भारतीय कंपनियों को कीमतों में लचीलापन और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की ताकत देता है।













