संजय द्विवेदी
लखनऊ। 1 फरवरी को संसद में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 में उत्तर प्रदेश को लेकर कई अहम घोषणाएं की गई हैं। आम बजट में मुख्य रूप से आर्थिक सुधार पर फोकस किया गया है। आर्थिक सुधारों की गति को तेज करने की योजना केंद्र सरकार ने तैयार की है। युवा, नौकरीपेशा, किसान, गरीब और महिलाओं के हित में कुछ योजनाओं के विस्तार हुए हैं। आम बजट से उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर और यहां चल रही केंद्रीय योजनाओं को भी रफ्तार मिलेगी। राज्य को अगले वित्त वर्ष में करीब ₹4.26 लाख करोड़ मिलने वाले हैं।
यह पिछली बार से करीब ₹25,000 करोड़ अधिक है। बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) योजना का भी एलान हुआ है। इसके तहत पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में राजधानी जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा।
सीईआर योजना से कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी जैसे शहरों को सीधा लाभ मिलेगा। अगले पांच साल में हर सिटी इकोनॉमिक रीजन के लिए करीब ₹5000 करोड़ तक का निवेश प्रस्तावित है। इससे इन शहरों और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर, स्टार्टअप हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और सेवा क्षेत्र में विकास होगा।
साथ ही सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान भी किया गया है। इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं। दोनों कॉरिडोर बनने से दिल्ली से वाराणसी और पूर्वोत्तर भारत तक की रेलयात्रा आसान होगी। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इससे जुड़े सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा।
बनारस में होगी जहाजों की मरम्मत
बजट में वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आसपास इंडस्ट्री का भी विकास होगा।
बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
सारनाथ और हस्तिनापुर देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक पर्यटन स्थलों के विकास कार्यक्रम में शामिल किए गए हैं। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही होटल, होम-स्टे, गाइड सेवा, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
टेक्सटाइल सेक्टर में आएगा बूम
बजट में खेल, एमएसएमई और टेक्सटाइल सेक्टर को रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने वाले प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। इससे मेरठ, नोएडा और आगरा के खेल उद्योग केंद्रों को लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल क्लस्टर को मजबूती देने से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कारीगरों और बुनकरों को सीधा लाभ प्राप्त होने वाला है।
एमएसएमई को बढ़ावा
एमएसएमई के लिए 10000 करोड़ रुपए के फंड की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के मध्यम और लघु उद्योगों के क्षेत्र में काम करने वाले लोग इसका फायदा उठा सकेंगे।
राज्यांश के तौर पर केंद्रीय करों के मिलेंगे ₹2.69 लाख करोड़
₹95,698 करोड़ इनकम टैक्स के मद में (सबसे ज्यादा)
18% हिस्सा है उत्तर प्रदेश का केंद्रीय करों में, बिहार की हिस्सेदारी 10%, मध्य प्रदेश की 7.3%, महाराष्ट्र की 6.5% और राजस्थान की हिस्सेदारी 6% होगी।
राज्य को अगले वित्त वर्ष में करीब ₹4.26 लाख करोड़ मिलेंगे
– सीईआर योजना से कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी जैसे शहर होंगे लाभान्वित
































