ब्लिट्ज ब्यूरो
गाजियाबाद। शहर लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन प्रदूषण का दाग लगातार इसकी छवि को धूमिल कर रहा है। शहर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए अब नगर निगम केवल पानी के छिड़काव व निर्माण कार्य पर रोक लगाने के भरोसे नहीं रहेगा।
निगम के अधिकारियों ने गहन मंथन करने के बाद शहर की 15 सड़कों को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करने का निर्णय लिया है। इस कार्य पर 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन सड़कों पर न तो धूल उड़ेगी और न जाम लगेगा। दावा किया गया है कि प्रदेश में पहली बार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस तरह का कदम उठाया गया है।
प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम प्रतिदिन सड़कों पर हजारों लीटर पानी से छिड़काव कर रहा है। शहर के रेस्टोरेंट में चल रहे कोयले के तंदूर बंद करा दिए गए हैं। कूड़ा जलाने वालों पर निगम कार्रवाई कर रहा है। इसके बाद भी लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिल रही है।
ऐसे में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों के साथ प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए मंथन किया। इसके बार नगर आयुक्त ने शहर की 15 प्रमुख सड़कों को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करने के लिए आदेश दिया। अधिकारियों ने इन सड़कों को प्रदूषण मुक्त करने का खाका खींचा है।
इन सड़कों के कच्चे फुटपाथ को पक्क ा किया जाएगा। सड़क के किनारे फुटपाथ बनाया जाएगा। वहीं ग्रीन बेल्ट पर जहां मिट्टी दिखाई देती है, वहां घास और फूलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। इन सड़कों पर जिन कारणों से जाम लगता है उन्हें दूर किया जाएगा। सड़कों की सेंट्रल वर्ज पर घास रोपित की जाएगी। इन सभी का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है।
अधिकारियों का दावा है कि अक्टूबर से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इससे शहर के प्रदूषण में कमी आएगी। लोग धूलमुक्त सड़क पर सफर कर सकेंगे।
पानी की होगी बचत
नगर निगम प्रतिदिन हजारों लीटर भूगर्भ जल से सड़कों पर पानी का छिड़काव करता है। सड़कों के धूलमुक्त होने पर इन सड़कों के धूलमक्त होने पर नगर निगम को पानी का छिड़काव नहीं करना पड़ेगा। इससे प्रतिदिन हजारों लीटर भूमिगत जल की बचत होगी। लंबे समय से शहर के लोग आरोप लगा रहे थे कि भूगर्भ जल से छिड़काव करने से पानी का स्तर खिसक रहा है। हालांकि नगर निगम द्वारा इन सड़कों पर एसटीपी के पानी का छिड़काव करने का दावा किया जा रहा है।
































