ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में ईडी की रेड के खिलाफ एफआईआर पर रोक लगा दी है। कोर्ट के फैसले से ममता सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के खिलाफ नोटिस दिया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आई-पैक ऑफिस में रेड करने पर ईडी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बंगाल सरकार से कहा कि एजेंसी के काम में दखल नहीं दे सकते।
ममता सरकार से दो हफ्तों में मांगा जवाब
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने सीसीटीवी फुटेज समेत सभी सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस और पुलिस को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी। कोर्ट ने ममता सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर है।
ममता बनर्जी पर सबूत चोरी के आरोप
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 8 जनवरी को रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और इलेक्ट्रानिक उपकरण और दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल डीजीपी भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने ईडी अफसरों के मोबाइल छीन लिए। ममता बनर्जी मीडिया के सामने भी गईं। इस तरह ईडी का मनोबल गिरता है और उनके काम में बाधा आती है।
सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा, ‘ममता बनर्जी आरोपी हैं और उन्होंने डीजीपी की मिलीभगत से सबूतों की चोरी की। अगर बंगाल में किसी एफआईआर की जांच होती है तो कुछ नहीं होगा। इसलिए मामले में सीबीआई जांच की जरूरत है।
कपिल सिब्बल पर फूटा बेंच का गुस्सा
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि हम हाईकोर्ट के रवैये से बहुत परेशान हैं। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि कल सुनवाई हुई थी और सुप्रीम कोर्ट को यह मानना होगा कि हाईकोर्ट न्याय देने में असमर्थ है। सिब्बल की इस बात पर बेंच ने गुस्से में कहा, ‘आप मेरे मुंह में शब्द नहीं डाल सकते। हम फैसला करेंगे कि हमें क्या मानना है और क्या नहीं।































