ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। पीलीभीत के माधोटांडा में उद्गम स्थल पर ही दम तोड़ती गोमती नदी को पुनर्जीवन मिलेगा है। उद्गम स्थल के संरक्षण, संवारने और पुनर्जीवन पर 56.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। उद्गम स्थल पर कराए जाने वाले कार्यों के मॉडल फोटो भी जारी किए गए हैं।
माधोटांडा के पास फुलहर झील से गोमती नदी का उद्गम हुआ है। यहां पर गोमती मैया का मंदिर और अन्य कई मंदिर हैं। उद्गम स्थल पर तीन झीलें हैं। लंबे समय से गोमती उद्गम स्थल के संरक्षण और गोमती के पुनर्जीवन की मांग की जा रही थी। पूर्व में कुछ कार्य कराए भी गए, लेकिन गोमती की दशा में कुछ खास सुधार नहीं हुआ।
केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रयास रंग लाए
श्रद्धालुओं की मांग पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने सक्रियता से प्रयास किया। केंद्रीय टीम की जांच के बाद कार्ययोजना बनी। अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने गोमती के संरक्षण के लिए 56.88 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग भी सड़कों का निर्माण और अन्य कार्य कराएगा। इसकी कार्ययोजना भी जल्द ही बनाई जाएगी।
– पीलीभीत में 56.88 करोड़ से संवरेगा उद्गम स्थल
– जल शक्ति मंत्रालय ने दी मंजूरी
































