ब्लिट्ज ब्यूरो
एस-इजरायल और ईरान के बीच जंग का असर चूंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी पड़ा है और खबरों के मुताबिक ये शिपिंग रूट फिलहाल बंद हो गया है। होर्मुज स्ट्रेट के ईस्ट में ओमान के खाड़ी इलाके में इंडियन नेवी का वॉरशिप आईएनएस सूरत तैनात है जो वहां निरंतर पेट्रोलिंग कर रहा है और हालात पर पूरी नजर रखे हुए है। आईएनएस सूरत की इतनी क्षमता है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत रिएक्ट कर सकता है और मानवीय मदद भी पहुंचा सकता है। तैनाती के दौरान इंडियन नेवी के वॉरशिप मित्र देशों की नेवी के साथ वॉर एक्सरसाइज भी करते हैं और किसी तरह की समुद्री डकैती को रोकते हैं और किसी भी हादसे की स्थिति में राहत और बचाव का काम भी करते हैं।
आईएनएस सूरत की खासियत
आधुनिक गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर
लंबी दूरी की सतह से हवा मे मार करने वाली मिसाइलों से लैस
एंटी-शिप मिसाइल, टॉरपीडो और उन्नत तोप प्रणाली से सुसज्जित
हेलिकॉप्टर संचालन के रोधी अभियान में सहायक
सुविधा-निगरानी और पनडुब्बी
ओमान की खाड़ी में ऑपरेशन संकल्प के तहत, होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में तैनाती
मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट (2017 से लागू)
2017 में भारतीय नौसेना ने शुरुआत की
दुनिया भर में 6 मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट
हर तैनाती में एक वॉरशिप हमेशा मौजूद
अदन की खाड़ी में चौकसी : दूसरा डिप्लॉयमेंट अदन की खाड़ी में है। ये भी बड़ा ट्रेड रूट है जो स्वेज कैनाल से रेड सी (लाल सागर) होते हुए गुजरता है।
यहां वॉरशिप लगातार सुरक्षा देता है। तीसरा मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट शेसेल्स के पास है जो केप ऑफ गुड होप रूट से आने वाले या फिर उस इलाके में होने वाली समुद्री डकैती को रोकने के लिए तैनात है। चौथा मालदीव के पास, पांचवां मलक्क ा स्ट्रेट के पास और छठा उत्तरी बंगाल की खाड़ी में है।
किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा नजर ?
अरब की खाड़ी
जलडमरूमध्य ओमान की खाड़ी आसपास के समुद्री व्यापार मार्ग
होर्मुज इन इलाकों को वैश्विक तेल और व्यापार सप्लाई की धुरी माना जाता है। यहां कोई भी तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को प्रभावित कर सकता है।




