ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। योगी सरकार ने टाउनशिप विकास को लेकर एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण को कृषि भूमि को सीधे आवासीय भूमि में बदलने का अधिकार मिल गया है। इसके लिए पहले की तरह शासन की अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह बदलाव टाउनशिप नीति, के प्रावधानों को सरल करते हुए किया गया है।
इस फैसले के बाद तीन प्रस्तावित टाउनशिप-वरूण बिहार 2664 हेक्टेयर, नैमिष नगर की 1085 हेक्टेयर जमीन अब सीधे प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी से आवासीय घोषित की जा सकेगी। इसका मतलब यह है कि टाउनशिप विकसित होने की प्रक्रिया में अब पहले से कहीं अधिक तेजी आएगी।
प्राधिकरण बोर्ड बनेगा अंतिम प्राधिकारी
बैठक के बाद यह साफ कर दिया गया कि भूमि-उपयोग परिवर्तन के लिए शासन की संस्तुति की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर अब संबंधित विकास प्राधिकरण का बोर्ड ही भूमि-उपयोग परिवर्तन को अंतिम मंजूरी देगा। यानी एलडीए अपनी योजनाओं के अनुरूप कृषि भूमि को खुद आवासीय घोषित कर सकेगा-बिना किसी फाइल के लंबे शासन-चक्र में घूमने के।
निवेशकों के लिए राहत, अटकी परियोजनाओं को मिलेगी गति
निवेशकों की ओर से प्रस्तावित नई टाउनशिप योजनाओं को भूमि-उपयोग परिवर्तन न होने के कारण महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। अब वह इंतजार खत्म होगा। अब इन दोनों योजनाओं की जमीन आवासीय घोषित करने का रास्ता साफ हो गया है। एलडीए का मानना है कि इस कदम से निजी पूंजी निवेश बढ़ेगा, शहर में योजनाबद्ध तरीके से बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित होंगे और लखनऊ के बाहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विस्तार तेज होगा।
नए शहरों और विस्तारीकरण क्षेत्रों को भी बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री शहरी विकास/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा-वृंदावन, कानपुर, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, बुलंदशहर-खुर्जा, हापुड़-पिलखुवा, बागपत-बड़ौत-खेकड़ा सहित 18 प्राधिकरणों की परियोजनाओं को पहले ही 2025-26 रोडमैप में मंजूरी दी जा चुकी है। अब भूमि-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया सरल होने से इन क्षेत्रों में भी बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट तेज गति पकड़ेंगे।
टाउनशिप नीति का सरल रूप, विकास
की रफ्तार दोगुनी
3000 टाउनशिप नीति का मकसद निजी निवेश को बढ़ाकर सुव्यवस्थित शहरीकरण को बढ़ावा देना है। पहले छोटे-छोटे भूमि-उपयोग परिवर्तन भी शासन तक भेजने पड़ते थे, जिससे महीने भर की देरी सामान्य थी। अब प्रक्रिया सरल हो गई है।































