ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश भर में बढ़ते सड़क हादसों में कमी लाने और प्रशिक्षित वाहन चालकों की संख्या बढ़ाने के लिए नई वाहन चालक नीति लागू की है। इसमें देश भर में विश्वस्तर के अत्याधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने की योजना है। सरकार का मानना है कि कुशल चालकों की संख्या बढ़ने से जहां हादसे रुकेंगे, वहीं बड़ी संख्या में देश-विदेश में रोजगार के रास्ते खुलेंगे। ये बातें केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहीं।
उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण केंद्र नई तकनीक पर आधारित होंगे और चालक को प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र जारी करेंगे। चालकों को इसकी मदद से देश व दुनिया में नौकरियां प्राप्त करने में आसानी होगी। करीब एक करोड़ प्रशिक्षित वाहन चालकों के लिए देश- विदेश में नौकरी का रास्ता खुलेगा। गडकरी के मुताबिक देश में ही करीब 22 लाख कुशल वाहन चालकों की कमी है। देश में 41 वाहन चालक प्रशिक्षण केंद्र थे।
नीति लागू होने के बाद एक साल में इन केंद्रों की संख्या 44 हो गई है। मद्रास की अदालत में एक मामला लंबित था, जिससे दो केंद्रों का काम लटका हुआ था। इसमें निर्णय आने से अब कार्य में तेजी आएगी। गडकरी ने कहा, राज्यों का रुझान उत्साहजनक है। केंद्र सरकार को विभिन्न राज्यों से अब तक 87 केंद्र के प्रस्ताव मिले हैं। देश भर में कुल 1021 केंद्र खोले जाने की योजना है। 98 स्थानीय स्तर के केंद्र और पांच विश्वस्तरीय केंद्र हैं। इनकी संख्या आने वाले दिनों में बढ़ेगी। इस दिशा में केंद्र सरकार राज्यों को समुचित मदद देगी। सरकार का मानना है कि कुशल चालक होंगे तो वे तय नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएंगे। इसके दोहरे लाभ होंगे, जरूरत के मुताबिक वाहन चालक उपलब्ध होंगे और इस पहल से हादसों में कमी आएगी।
































