ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। रॉन्ग साइड गाड़ी चलाना अब आपको महंगा पड़ सकता है। क्योंकि गलत साइड ड्राइविंग के लिए दर्ज होने वाली एफआईआर न सिर्फ कानूनी केस शुरू कर सकती है, बल्कि इससे गाड़ी जब्त भी हो सकती है।
गुजरात के राजकोट के 21 साल के कैब ड्राइवर आशीष डी गुप्ता ने गत दिवस गलत साइड ड्राइविंग के लिए चालान कटने के बाद यह खुद अनुभव किया है। घटना शाम करीब 4 बजे भिंडर चौक पर हुई, जब एक सफेद कार, ट्रैफिक के उल्टी दिशा में तेजी से जा रही थी। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर टेम्परेरी था। इस बीच गुप्ता को एक ट्रैफिक हेड कांस्टेबल ने रोक लिया, जो शाम 3 बजे से रात 11 बजे के बीच रेड लाइट पर ड्यूटी पर था।
इमरजेंसी में घुसे गलत साइड में
पुलिस ने बताया कि कॉन्स्टेबल के साथी ने इस घटना को अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया। ड्राइवर ने माना कि उसने भारी ट्रैफिक और पर्सनल इमरजेंसी की वजह से गलत साइड में गाड़ी चलाई। उसके पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस था, लेकिन उस समय गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं था।
कैब के यात्री को थी जल्दी
गुप्ता ने बताया कि वह हाल ही में गुजरात से आए थे और नई खरीदी हुई कैब चला रहे थे। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन दूसरी गाड़ियां भी गलत साइड से जा रही थीं और वो भी उनके पीछे अपनी गाड़ी लेकर चले गए। उनकी कैब में सवार यात्री को जल्दी थी।
बहुत सारा समय बर्बाद हुआ
इस घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उनकी कैब जब्त कर ली गई और अधिकारियों ने उनके ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी दोनों का वेरिफिकेशन मांगा। गुप्ता अपने लाइसेंस की डिटेल्स कन्फर्म करने के लिए गुजरात गए और गाड़ी के वेरिफिकेशन के लिए हरियाणा गए, जहां गाड़ी रजिस्टर्ड थी। उन्होंने कहा कि जब से यह घटना हुई है उनका बहुत सारा समय बर्बाद हो गया।
कैसे वापस होती है गाड़ी?
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक बार एफआईआर दर्ज होने के बाद गाड़ी जब्त कर ली जाती है और उसे सिर्फ कोर्ट के ऑर्डर से ही वापस लिया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, मालिक गाड़ी बेच नहीं सकता। हालांकि, एक-दूसरे अधिकारी ने साफ किया कि अगर घटना वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है, तो एफआईआर दर्ज की जाएगी, लेकिन गाड़ी जब्त करने का फैसला अधिकारियों के विवेक पर निर्भर करता है।
पहले सिर्फ होता था चालान
एडिशनल सीपी (ट्रैफिक) दिनेश गुप्ता ने बताया कि अब तक गलत साइड ड्राइविंग के 35 मामले दर्ज किए गए हैं और दोषियों को कोर्ट में पेश होना होगा। पहले ऐसे उल्लंघनों पर चालान किया जाता था। दिल्ली पुलिस ने पिछले साल गलत साइड ड्राइविंग के लिए 3,05,838 चालान जारी किए थे।
































