ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
समारोह में पहली बार दो मुख्य अतिथि, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हुए। 90 मिनट की परेड में अलग-अलग राज्यों और मंत्रालयों की 30 झांकियां दिखाई गईं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत ने बहुत ही उत्साह और गर्व के साथ गणतन्त्र दिवस मनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्तव्य पथ पर भव्य परेड में देश के लोकतंत्र की मजबूती, संस्कृति, समृद्धि और राष्ट्र को एक साथ बांधे रखने वाली एकता का प्रदर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि परेड में भारत के अभेद्य सुरक्षा तंत्र को भी प्रदर्शित किया गया जो राष्ट्र की तैयारियों, प्रौद्योगिक क्षमता और अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की गणतन्त्र दिवस समारोह में मेजबानी करने का गौरव मिला। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की उपस्थिति भारत-यूरोपीय संघ की मजबूत हो रही साझेदारी और साझा मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है। श्री मोदी ने कहा कि इन दोनों की यात्रा से भारत और समूचे यूरोप के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सम्पर्क और सहयोग प्रगाढ़ करने की दिशा को रफ्तार मिली है। परेड में तीनों सेनाओं ने अपनी ताकत दिखाई। एयरफोर्स के राफेल, जगुआर, मिग 29, सुखोई समेत 29 एयरक्रॉफ्ट शामिल हुए। इन्होंने सिंदूर, वज्रांग, अर्जन और प्रहार फॉर्मेशन बनाए।
सेनाओं ने मिसाइलें, बैटल एयरक्राफ्ट, नई बटालियन और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस्तेमाल घातक वेपन सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। इनमें ब्रह्मोस और आकाश वेपन सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर सूर्यास्त्र, मेन बैटल टैंक अर्जुन और स्वदेशी मिलिट्री प्लेटफार्मों और हार्डवेयर की सीरीज शामिल थीं।
पीएम मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे।
आईएएफ के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया। यह डिजाइन सिर्फ एयरोडायनामिक्स नहीं बल्कि भावना, परंपरा और संदेश को ध्यान में रखकर तय किया गया। सिंदूर फॉर्मेशन आसमान में तिलक की तरह नजर आया।
भारतीय वायु सेना के चार अधिकारी (एक ग्रुप कमांडर और तीन सुपरन्यूमरेरी अधिकारी) और 144 एयरमैन शामिल रहे। दल कमांडर स्क्वाड्रन लीडर जगदीश कुमार और स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश सुपरन्यूमरेरी अधिकारी रहे। मार्चिंग दस्ते के साथ तालमेल बिठाते हुए, ‘स्पीयरहेड’ फॉर्मेशन में 02 राफेल, 02 मिग-29, 02 एसयू-30 और 01 जगुआर का एक रोमांचक फ्लाई-पास्ट हुआ, जो सिंदूर फॉर्मेशन का प्रतीक था।
देश में अलग-अलग राज्यों और मंत्रालयों की 30 से ज्यादा झाकियां शामिल हुईं। इनमें 2,500 कलाकार शामिल हुए।
असम की झांकी से शुरुआत हुई। इसमें धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया। उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई।
– l29 लड़ाकू विमानों ने सिंदूर, वज्रांग, अर्जन फॉर्मेशन बनाए
– 90 मिनट की परेड में वंदे मातरम् समेत 30 झांकियों ने मोहा मन
































