ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी की रितु तावड़े को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का निर्विरोध मेयर चुन लिया गया है और शिवसेना के संजय घाडी डिप्टी मेयर चुने गए हैं। इस के साथ ही बीएमसी में 25 सालों से चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व भी खत्म हो गया है। ये चार दशकों में पहली बार है, जब मुंबई का मेयर बीजेपी का बना है।
53 वर्षीय रितु तावड़े घाटकोपर वेस्ट (वार्ड 132) की तीन बार की पार्षद हैं और वे मुंबई में बीजेपी की दूसरी मेयर बनी हैं। वह जमीनी स्तर पर सक्रिय राजनीति में एक दशक से अधिक समय से जुड़ी हुई हैं।
रितु को उनके हैंड्स-ऑन अप्रोच, सामुदायिक जुड़ाव और स्थानीय स्तर पर गहरी पकड़ के लिए जाना जाता है। वे प्रशासनिक क्षमता और स्थानीय लोगों से जुड़ाव को जोड़ने वाली नेता के रूप में उभरी हैं।
मार्च 2022 से बीएमसी में कोई निर्वाचित सदन नहीं था और आयुक्त भूषण गगरानी ही कामकाज देख रहे थे। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले बीजेपी और शिवसेना के पार्षदों ने हुतात्मा चौक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सत्तापक्ष और विपक्ष के पार्षदों की नारेबाजी के बीच मेयर तावड़े ने अपना पद संभाला।
संजय घाडी ने डिप्टी मेयर के रूप में उनके साथ नगर विकास की जिम्मेदारी संभाली। उधर, रितु तावड़े के मेयर चुने जाने पर शिवसेना (यूटीबी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि बीजेपी को मराठी मेयर चुनना पड़ा, क्योंकि बीएमसी चुनावों में मराठी लोगों ने उनकी पार्टी और एमएनएस को भारी समर्थन दिया।
भाजपा ने जीतीं सबसे ज्यादा सीटें
आपको बता दें कि पिछले महीने 15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनावों में बीजेपी ने 227 सीटों में सबसे ज्यादा 89 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। 118 पार्षदों की संयुक्त ताकत के साथ बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महापौर का पद आसानी से हासिल कर लिया। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) (जिसने 1997 से 25 वर्षों तक नगर निकाय पर शासन किया) ने 65 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने छह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने महज एक सीट पर जीत हासिल की थी।





























