ब्लिट्ज ब्यूरो
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए खास तौर पर वन्यजीव पर्यटन पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में उज्जैन और जबलपुर में नए वन्यजीव-सह-बचाव केंद्र बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों के निर्माण के लिए कंसल्टेंट्स की नियुक्ति भी हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सरकारी आवास पर हुई बैठक में उज्जैन में बनने वाले केंद्र के कंसल्टेंट फॉर्म को ‘वनतारा’ की तर्ज पर एक ‘जंगल जू सफारी’ बनाने का निर्देश दिया। ‘वनतारा’ एक ऐसा वन्यजीव केंद्र है जो भारतीय चिड़ियाघर और बचाव सुविधा के साथ-साथ दुनिया भर के जंगलों का अनुभव एक ही जगह पर देता है।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में लगभग 500 हेक्टेयर की जमीन पर इस सफारी को विकसित करने की बात कही। इसमें उज्जैन के मौजूदा 50 हेक्टेयर के इको-टूरिज्म पार्क को भी शामिल किया जाएगा। उनका लक्ष्य एक ऐसी जगह बनाना है जहां अलग-अलग तरह के जंगल और वन्यजीवों को अनोखे अंदाज में दिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि पहले चरण का निर्माण इसी साल में शुरू हो और जल्दी पूरा हो। यहां देशी और विदेशी प्रजातियों के जानवरों को रखा जाएगा ताकि पर्यटक दिन और रात दोनों समय उनका दीदार कर सकें। इससे उज्जैन एक प्रमुख सफारी डेस्टिनेशन बन जाएगा। बैठक में इस प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल गई और निर्माण व डिजाइन से जुड़ी ज़रूरी बातों पर चर्चा हुई।
11 जंगलों को दिखाया जाएगा
कंसल्टेंट्स ने अपनी प्रेजेंटेशन में बताया कि 500 हेक्टेयर की ज़मीन पर 11 भारतीय और विदेशी जंगलों को दिखाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को छह चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें पहला चरण 2027 के अंत तक पूरा हो जाएगा। यहां खुली जगहों में अदृश्य बैरियर का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे लोग पैदल, घोड़े की बग्घी, सफारी गाड़ी या सर्विस वाहनों से घूम सकेंगे। 300 से ज़्यादा प्रजातियों के जानवर होंगे, जिनमें 75% देशी और 25% विदेशी होंगे। एक खास बचाव केंद्र भी होगा। यह दुनिया का पहला ‘रियल जंगल जू सफारी’ अनुभव होगा।





























