ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने श्रम संहिता के लिए नियमों का मसविदा जारी किया है। सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए जारी किए गए प्रमुख मसविदा नियमों में से कुछ खास नियम हैंः एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं, महिलाओं के लिए रात्रि पाली (शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक), एक वर्ष की अवधि के लिए भी ग्रेच्युटी सहित संविदा रोजगार ।
सरकार ने वेतन संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों (ओएसएच) संहिता के लिए मसविदा नियमों पर जनता की प्रतिक्रिया के लिए 30-45 दिनों की समय सीमा प्रदान की है। अंतिम अधिसूचना मार्च में जारी किए जाने की संभावना है। एक अधिकारी ने बताया कि इसके परिणामस्वरूप श्रम संहिता के सभी प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में एक अप्रैल से प्रभावी हो जाएंगे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामान्य प्रश्नों के एक अलग सेट में कहा है, नए नियमों की अंतिम अधिसूचना जारी होने तक पुराने नियम लागू रहेंगे।
सरकार ने संसद द्वारा पांच साल पहले पारित किए जाने के बाद इस वर्ष नवंबर में सभी चार श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया था। इससे पहले 2020 और 2021 में, मसविदा नियमों को सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए प्रस्तुत किया गया था, लेकिन उन्हें अधिसूचित नहीं किया गया था। सप्ताह में 48 घंटे के कार्य समय के बाद, दैनिक कार्य समय, अंतराल व कार्य-विभाजन समय को अलग से अधिसूचित करने का प्रावधान है। नियमों में कहा गया है, ‘किसी भी कर्मचारी को किसी भी प्रतिष्ठान में एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और न ही इसकी अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक दिन कार्य की अवधि, अंतराल और कार्य-विभाजन समय सहित, केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जाएगी।’ ओएसएच कोड के मसविदा नियमों के नवंबर 2020 संस्करण में, सरकार ने 12 घंटे का स्प्रेड-ओवर समय निर्दिष्ट किया था, जो कि पिछले संस्करण में 10.5 घंटे था। हालांकि, काम के घंटों की साप्ताहिक सीमा 48 घंटे है लेकिन कर्मचारियों के लिए लचीले कार्य घंटे चाहने वाले कई कार्यस्थलों को अंतराल, कार्य-विभाजन और विश्राम दिवस के विवरण की प्रतीक्षा है।































