ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से बरेली तक की ट्रेन यात्रा अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो गई है। लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस के रूट विस्तार को हरी झंडी दिखा दी गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ट्रेन को इज्ज़तनगर (बरेली) तक हरी झंडी दिखाकर सेवाओं की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यह ट्रेन पहले गोरखपुर-लखीमपुर के बीच चलती थी, जिसे कुछ महीने पहले ही पीलीभीत तक बढ़ाया गया था और अब इसे बरेली तक विस्तार दे दिया गया है।
गोरखपुर से बरेली तक यात्रा
करना हुआ आसान
दरअसल, प्रदेश के तराई क्षेत्र में इस सेवा के विस्तार को बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे आवागमन और व्यापार दोनों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे कि गोरखपुर से बरेली तक सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो जिससे यात्रियों की सुविधा बढ़े और क्षेत्र के विकास को गति मिले। अब दावा किया जा रहा है कि कृषि और वन उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस कदम से बेहतर कनेक्टिविटी से तराई क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां और ज्यादा सशक्त होने की संभावना है।
ट्रेन को विस्तार देने के लिए हरी झंडी दिखाने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 सालों में राज्य में 5,272 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई है, जो स्विट्जरलैंड के रेल नेटवर्क से भी ज्यादा है। साथ ही प्रदेश के सभी रेल मार्गों का 100% विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है। इसी अवधि में 1,660 फ्लाईओवर और रोड अंडरब्रिज का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से लंबित 48 प्रमुख रेल परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जिनमें लखनऊ-पीलीभीत, पीलीभीत-शाहजहांपुर और बरेली-टनकपुर गेज परिवर्तन शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान पीलीभीत से सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने पीलीभीत को प्राथमिकता देने के लिए अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। जितिन प्रसाद ने कहा कि किसी चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहली बार पीलीभीत में आगमन हुआ था और उन्हीं की मंशा के अनुरूप रेलवे मंत्री ने यहां पीलीभीत के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन को पहले पीलीभीत और अब बरेली से जोड़ दिया गया है। ये ट्रेन खासतौर पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा के तौर पर उभरेगी और विकास के नए आयाम बनाएगी।































