ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया ने भी भारत की प्रतिभा का लोहा माना है। इस कंपनी ने भारत के साथ मिलकर चिप बनाने की इच्छा जताई है। मामले से परिचित लोगों ने बताया कि एनवीडिया ने भारत के साथ मिलकर एक चिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी भारत की मजबूत सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रतिभा का लाभ उठाना चाहती है। साथ ही वह इस बढ़ते बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
एनवीडिया अभी दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा मूल्यवान कंपनी है। एप्पल पहले स्थान पर है। हालांकि दोनों कंपनियों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। जिस तरह से एनवीडिया की ग्रोथ बढ़ रही है, वह जल्दी ही एप्पल को पीछे छोड़ दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है।
पीएम मोदी को दिया था प्रस्ताव
भारत के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव कंपनी के फाउंडर और सीईओ जेन्सन हुआंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया था। यह प्रस्ताव उन्होंने तब दिया था जब दोनों इस साल की शुरुआत में अमेरिका में मिले थे। हुआंग जल्द भारत आ रहे हैं।
इस बारे में केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, ‘हां, हम एनवीडिया के साथ एआई चिप के विकास पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि चर्चा प्रारंभिक चरण में है।’
क्या चाहती है एनवीडिया?
कुछ अधिकारियों के मुताबिक एनवीडिया भारत के विशाल चिप डिजाइनिंग बेस का इस्तेमाल करना चाहती है। यह कंपनी भारत के लिए एक विशिष्ट चिप विकसित करना चाहती है। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार इस मामले में अभी कुछ चीजों को लेकर विचार कर रही है।
सरकार को क्या होगा फायदा
अधिकारी के मुताबिक इस तरह मिलकर चिप बनाने से इसके कई लाभ हो सकते है। जैसे रेलवे में सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
साथ ही भारतीय स्टार्टअप, कंपनियां आदि के लिए भी यह चिप काफी कारगर साबित हो सकती है।






























