ब्लिट्ज ब्यूरो
पटना। बिहार में बिजली उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश के भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2400 मेगावाट (कुल 3×800 मेगावाट) क्षमता का ग्रीन फील्ड थर्मल पावर प्लांट बनने जा रहा है। 21 हजार 400 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला ये पावर प्लांट प्रदेश में किसी निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश होगा। इस पावर प्लांट के बन जाने से बिहार के 13 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। आम लोगों के बिजली बिल में भी कमी आएगी। साथ ही बिहार के उद्योगों को भी पंख लग जाएंगे।
पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट को निर्माण की मंजूरी दे दी गई है। परियोजना के तहत बिहार राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिटेड को नोडल एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है जो निविदा प्रक्रिया सहित परियोजना के क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। बिहार में होने वाला ये निवेश अब तक का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का निवेश है जिससे बिहार के निजी निवेश और उद्योग को नई ऊंचाई मिलेगी।
मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नजरिए का नतीजा
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि ये परियोजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति का नतीजा है। इस योजना पर काम शुरू होने के बाद बिहार निवेशकों के लिए आकर्षक बन जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। इस परियोजना से बिहार के लोगों को न सिर्फ गुणवत्ता पूर्ण बिजली मिलेगी, बल्कि बिजली दरों में भी कमी आएगी। यह राज्य के औद्योगिकीकरण में मील का पत्थर साबित होगा।’
सस्ती और निर्बाध होगी बिजली आपूर्ति
इस परियोजना से बिहार के लोगों को निरंतर और किफायती दर पर बिजली मिलेगी। राज्य बिजली के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर है। बिहार को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से हमारी दूसरे राज्यों से बिजली खरीदने की निर्भरता घटेगी। इससे बिजली की लागत में भी कमी आएगी।
मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने इस ऐतिहासिक फैसले की पुष्टि करते हुए कहा, ‘राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 2400 मेगावाट का नया थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कोयले का आवंटन पहले ही हो चुका है।’
ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि पहले पीरपैंती में सौर ऊर्जा परियोजना प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी सर्वेक्षण के बाद कोयला स्रोत की नजदीकी और भूमि की स्थिति को देखते हुए थर्मल पावर प्लांट का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम बातें
निवेश: 21,400 करोड़ (अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश)
क्षमता: 3×800 मेगावाट (कुल 2400 मेगावाट)
परियोजना स्थल: पीरपैंती, भागलपुर
भूमि अधिग्रहण: 1020.60 एकड़ भूमि अधिग्रहित
नोडल एजेंसी: बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड
कोल लिंकेज: कोल इंडिया लिमिटेड के तहत शक्ति-वी- से प्रस्तावित












