ब्लिट्ज ब्यूरो
अम्मान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जार्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन ने यहां मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की तथा पारस्परिक महत्व के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। शाह ने मोदी का हुसैनीया पैलेस में गर्मजोशी से स्वागत किया, जहां प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले दोनों के बीच आमने-सामने की बैठक हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने शाह अब्दुल्ला द्वितीय से कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनकी मुलाकात भारत-जार्डन संबंधों को नई गति प्रदान करेगी और इससे उसमें प्रगाढ़ता आएगी। उन्होंने कहा, ‘हम व्यापार, उर्वरक, डिजिटल प्रौद्योगिकी, अवसंरचना और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में अपना सहयोग जारी रखेंगे।’ मोदी ने कहा कि दोनों देशों की आतंकवाद के खिलाफ साझा और स्पष्ट सोच है। प्रधानमंत्री ने गाजा मुद्दे पर शाह अब्दुल्ला द्वितीय की ‘सक्रिय और सकारात्मक भूमिका’ की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम होगी। आतंकवाद के खिलाफ हमारी साझा और स्पष्ट सोच है। आपके नेतृत्व में जार्डन ने आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ के खिलाफ दुनिया को एक मजबूत और रणनीतिक संदेश दिया है।’ मोदी ने उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए जार्डन के शाह का धन्यवाद किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपने भारत-जार्डन संबंधों को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए बेहद सकारात्मक विचार साझा किए हैं। मैं आपकी मित्रता और भारत के प्रति आपकी गहरी प्रतिबद्धता के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं। इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह उपलब्धि आने वाले कई वर्षों तक हमें नयी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देती रहेगी।’ प्रधानमंत्री मोदी ने शाह अब्दुल्ला द्वितीय से कहा, ‘आपके प्रयास न केवल क्षेत्रीय शांति, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुझे याद है कि हमारी पहली मुलाकात भी 2015 में संयुक्त राष्ट्र के इतर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसका जोर हिंसक चरमपंथ का मुकाबला करने पर था। उस समय भी आपने इस विषय पर प्रेरणादायी विचार रखे थे।’ मोदी ने कहा कि भारत और जार्डन इस दिशा में मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे तथा आपसी सहयोग के सभी अन्य आयामों को और मजबूत करेंगे।
शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने कहा कि सभी जार्डनवासी आपका (मोदी) जार्डन में पुनः स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आपकी उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच दशकों की मित्रता, आपसी सम्मान और सार्थक सहयोग को दर्शाती है।’
जॉर्डन में पीएम मोदी को खुद ड्राइव करके ले गए युवराज
पीएम मोदी जॉर्डन की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर किंग अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर पहुंचे। जॉर्डन के युवराज अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने पीएम मोदी को खुद कार ड्राइव कर संग्रहालय तक पहुंचाया। जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया और ओमान का दौरा किया।
पीएम मोदी जॉर्डन पहुंचे थे और वहां से एक खास तस्वीर सामने आई है। यहां क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने भारत के प्रधानमंत्री के लिए खास तरीके से अपना सम्मान दिखाया। युवराज पीएम मोदी को खुद कार ड्राइव करके जॉर्डन संग्रहालय तक ले गए। खास बात यह भी है कि युवराज अल हुसैन पैगंबर मोहम्मद की 42वीं पीढ़ी के सीधे वंशज हैं। पीएम मोदी किंग अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर जॉर्डन पहुंचे थे।
जॉर्डन संग्रहालय जाना अम्मान में पीएम मोदी के व्यस्त कार्यक्रम का हिस्सा था। इससे पहले जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचने के बाद, जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया। यहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद अल हुसैनिया पैलेस में किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
पीएम मोदी ने अपनी जॉर्डन यात्रा के परिणामों की अहमियत बताते हुए कहा कि उन्होंने नई दिल्ली और अम्मान के बीच संबंधों के विस्तार में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा से लेकर डिजिटल इनोवेश तक व्यापक परिणाम, भारत-जॉर्डन साझेदारी की बढ़ती गहराई को दर्शाते हैं।

























