ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। हाल ही में यूरोपीय संघ संग एफटीए और फिर अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल होने के बाद अब भारत एक और एफटीए की तैयारी कर रहा है। भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह देशों ने मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत शुरू करने की शर्तों पर सहमति बना ली है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया है कि भारत और जीसीसी देशों ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर कर लिए हैं, जिससे अब औपचारिक बातचीत का रास्ता साफ हो गया है।
गौरतलब है कि जीसीसी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान शामिल हैं। इससे पहले भारत और संयुक्त अरब अमीरात मई 2020 में ही मुक्त व्यापार समझौता कर चुके हैं। वहीं भारत और ओमान ने भी 2025 को मस्कट में एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए थे।
तीसरे दौर की वार्ता होगी शुरू
जीसीसी के साथ एफटीए वार्ता एक तरह से बातचीत की फिर से शुरुआत होगी। इससे पहले 2006 और 2008 में भी दोनों पक्षों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत हुई थी। जीसीसी द्वारा सभी देशों और आर्थिक समूहों के साथ वार्ता स्थगित करने के कारण तीसरे दौर की वार्ता नहीं हो सकी। हालांकि अब एक बार फिर जल्द ही वार्ता शुरू होने की उम्मीद है।
कच्चे तेल का आयात करता है भारत
इस एफटीए से भारत को बंपर फायदा हो सकता है। भारत मुख्य रूप से सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस आयात करता है। वहीं भारत इन देशों को मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर, धातु, विद्युत मशीनरी, लोहा और इस्पात तथा रसायन निर्यात करता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का जीसीसी देशों को निर्यात सालाना आधार पर लगभग एक प्रतिशत बढ़कर लगभग 57 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो एक साल पहले 2023-24 में 56.32 अरब अमेरिकी डॉलर था। वहीं आयात 2024-25 में 15.33 प्रतिशत बढ़कर 121.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
व्यापार के अलावा खाड़ी देशों में भारतीय आबादी की एक बड़ी संख्या रहती है। एक अनुमान के मुताबिक लगभग 3.2 करोड़ प्रवासी भारतीयों में से लगभग आधे खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यह मजबूत व्यापार व्यवस्था वस्तुओं और सेवाओं के बेहतर और आसान आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी। साथ ही इससे दोनों पक्षों के बीच निवेश भी बढ़ेगा।





























