ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सेशेल्स भारत का सिर्फ एक राजनयिक साझेदार नहीं, बल्कि हिंद महासागर के जरिये जुड़ा एक भरोसेमंद मित्र देश भी है। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स का रिश्ता इतिहास, विश्वास और साझा भविष्य की सोच पर आधारित है।
पीएम मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ मुलाकात की। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच 50 वर्षों से मजबूत कूटनीतिक संबंध हैं, जो समय के साथ और गहरे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वहां के सामाजिक और आर्थिक जीवन में अहम योगदान दिया है और दोनों देशों की दोस्ती को पीढ़ी-दर-पीढ़ी मजबूत किया है।
हर्मिनी ने महात्मा गांधीको दी श्रद्धांजलि
इससे पहले राष्ट्रपति हर्मिनी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि महात्मा गांधी के सिद्धांत आज भी भारत सेशेल्स साझेदारी को दिशा देते हैं। पिछले साल अक्तूबर में पद संभालने के बाद यह राष्ट्रपति हर्मिनी की पहली भारत यात्रा थ्ाी। वह चेन्नई और मुंबई के कार्यक्रमों के बाद दिल्ली पहुंचे।
हर्मिनी ने पीएम मोदी को सेशेल्स की आजादी की 50वीं वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, यह वर्ष दोनों देशों के संबंधों के लिए खास है। जून में भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती मनाएंगे, जो सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाती है। मेरी भारत यात्रा दोनों देशों की पुरानी दोस्ती और आपसी सम्मान को दर्शाती है। हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के रूप में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों देशों के रिश्तों का अहम आधार है।
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रपति हर्मिनी से मुलाकात की और विजन महासागर के समर्थन के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, समुद्री पड़ोसी होने के नाते सेशेल्स का सहयोग क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा के लिए अहम है। विदेश मंत्रालय ने सेशेल्स को भारत का अहम समुद्री पड़ोसी और विजन महासागर का महत्वपूर्ण साझेदार बताया।





























