ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। राज्य में ई-चालान से बढ़ती परेशानियों को देखते हुए अब ‘अभय योजना लागू करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने महाराष्ट्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि यदि वाहन चालक जारी किया गया ई-चालान 25-30 दिनों के भीतर भर देता है, तो उसे वर्तमान जुर्माना राशि में 50% तक की रियायत (कंसेशन) दी जाए।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की योजना लागू होने से वाहन चालकों को राहत मिलेगी और लंबित ई-चालान की संख्या भी कम होगी। कई मामलों में वाहन चालक लंबे समय तक जुर्माना नहीं भरते, जिससे बकामा राशि बढ़ती जाती है। ऐसे में ‘अभय’ योजना के तहत समय पर भुगतान करने वालों को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जा सकता है। दरअसल, पिछले कुछ महीनों से राज्य में ई-चालान को लेकर काफी विवाद और असंतोष देखा गया है। परिवहन संगठनों और वाहन चालकों ने ई-चालान प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और भारी जुर्माने के विरोध में कई बार आंदोलन भी किए है। हाल ही में ट्रक, टैक्सी, ऑटो और अन्य परिवहन संगठनों ने भी ई-चालान में राहत देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। संगठन का आरोप है कि वर्तमान कार्रवाई से परिवहन व्यवसाय पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और कामकाज में समस्या पैदा हो रही है। इस विषय पर 5 मार्च को अनिश्चितकालीन ‘ऑफ-रोड’ आंदोलन का एलान किया गया था, हालांकि अगले निर्देश तक उसे स्थगित किया गया है।













