ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मयोगी साधना सप्ताह के दौरान कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए तकनीक और एआई का इस्तेमाल जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान प्रशासनिक सुधारों और भविष्य की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के इस दौर में दुनिया और व्यवस्थाएं बहुत तेजी से बदल रही हैं। भारत भी उसी रफ्तार से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि सरकारी कामकाज और प्रशासन से जुड़े लोग खुद को समय के हिसाब से अपडेट रखें। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मयोगी साधना सप्ताह इसी बदलाव की एक जरूरी कड़ी है। इसके जरिए सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या है कर्मयोगी साधना सप्ताह?
क्षमता निर्माण आयोग ने 2 से 8 अप्रैल 2026 तक साधना सप्ताह का आयोजन किया है। यह अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय पहल है। यह आयोजन मिशन कर्मयोगी के पांच साल पूरे होने और क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर किया जा रहा है। इसका मकसद प्रशासनिक सेवाओं में सुधार करना और राष्ट्रीय उन्नति के लिए मानवीय योग्यता को बढ़ाना है।













