ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में खुद इस बात का एलान किया है। विगत दिवस नक्सलवाद पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं घोषणा करता हूं कि हम नक्सल मुक्त हो गए हैं। इसके लिए 31 मार्च की डेडलाइन तय की थी। उन्होंने आगे कहा कि नक्सलवाद इस वजह से नहीं था कि कहीं पर विकास नहीं हो पाया, बल्कि यह तो विचारधारा से जुड़ी चीज थी।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि पिछले 60 सालों से देश पर कांग्रेस का शासन रहा, लेकिन इसके बाद भी आदिवासी अब तक विकास से बचे रहे, आखिर ऐसा क्यों हुआ। नक्सलवाद का मुख्य कारण विकास का न होना नहीं है। वह एक विचारधारा के कारण है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पूरे देश के सामने स्वीकारा था कि देश की सबसे बड़ी समस्या हथियारों से लैस माओवादी हैं। 2014 में शासन परिवर्तन हुआ और पीएम मोदी के शासन काल में कई विकास कार्य हुए।
भोले भाले आदिवासियों को दिखा रहे थे स्वप्न
अमित शाह ने कहा कि इनका (आदिवासी) दर्द, इनकी वेदना, इनकी परेशानी और उनके भविष्य को अंधेरे में घेरने वाली ये व्यवस्था हमारी संसद में उजागर हो और पूरी दुनिया उसको जाने लेकिन लंबे समय तक उसको मौका नहीं मिला।
मुझे इस बात की खुशी है कि देश और हम सबके लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में आज संसद में चर्चा हो रही है। इस थ्योरी का जो प्रचार कर रहे थे वे गलत प्रकार का स्वप्न भोले भाले आदिवासियों को दिखा रहे थे कि हम आपके अधिकार के लिए लड़ रहे हैं।












