संजय द्विवेदी
भारत के खाद्य नियामक (एफएसएसएआई) और आयुष मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए हेल्थ सप्लीमेंट और दवाओं में अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। अब कंपनियां अपने प्रोडक्ट में केवल अश्वगंधा की जड़ों का ही इस्तेमाल कर पाएंगी।
अश्वगंधा को लेकर एक रिसर्च में बताया गया है कि इसके सेवन से लीवर और नसों से जुड़ी प्रॉब्लम हो सकती हैं। सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम उन लोगों के लिए काफी अहम है जो तनाव और थकान को दूर करने के लिए अश्वगंधा के सप्लीमेंट का सेवन करते हैं। हजारों साल पुराने आयुर्वेदिक ग्रंथ से लेकर आधुनिक विज्ञान तक अश्वगंधा के जड़ वाले हिस्से को ही सुरक्षित माना गया है।
आयुर्वेद में कभी भी अश्वगंधा की पत्तियों को खाने की सलाह नहीं दी गई है। पत्तियों का इस्तेमाल त्वचा पर लगाने (एक्सटनर्ल यूज) के लिए किया जाता है। सरकार का साफ कहना है कि अश्वगंधा की पत्तियों के सेवन से होने वाले फायदे और उनकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसकी जड़ पर सदियों से लोगों का भरोसा रहा है। अश्वगंधा की पत्तियों पर बैन लगाने का बड़ा कारण सेफ्टी से जुड़ा है। रिसर्च में पाया गया कि पत्तियों में ‘विथफेरिन-ए’ जैसे कुछ तत्व ज्यादा मात्रा में होते हैं, जो शरीर के लिए जहरीले साबित हो सकते हैं।
– अश्वगंधा सदियों से आयुर्वेद में इस्तेमाल की जा रही एक प्रभावी और भरोसेमंद आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने, तनाव कम करने, ऊर्जा बढ़ाने और इम्यूनिटी को बेहतर करने में मदद करती है। हालांकि, इसका सही लाभ तभी मिलता है जब इसे सही मात्रा और सही तरीके से लिया जाए क्योंकि हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है।
अश्वगंधा की सही मात्रा
अश्वगंधा एक प्राकृतिक औषधि है जिसका इस्तेमाल आप दैनिक रूप से भी कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं अश्वगंधा को किस मात्रा में लेना चाहिए:
अश्वगंधा कैप्सूल: दिन में 300–500 एमजी तक की मात्रा सही मानी जाती है।
अश्वगंधा पाउडर: 1-2 चम्मच तक अश्वगंधा डेली लिया जा सकता है जिसे दूध या गुनगुने पानी के साथ लेना बेहतर होता है। वैसे तो अश्वगंधा को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है लेकिन लंबे समय तक सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। साथ ही अगर आप किसी लम्बी बीमारी से जूझ रहें तो बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
हजारों वर्षों से इस्तेमाल हो रहा अश्वगंधा
क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि बिना ज्यादा काम किए भी आप दिनभर थके हुए रहते हैं, रात में नींद पूरी नहीं होती, और छोटी-छोटी बातों पर तनाव हावी हो जाता है। एक्सरसाइज करने का बिलकुल मन नहीं होता तो यह सिर्फ काम के बोझ का असर नहीं बल्कि आपके शरीर के अंदर चल रहे असंतुलन का संकेत भी हो सकता है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम अपनी सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं और जब शरीर बार-बार संकेत देने लगता है, तब तक अक्सर काफी देर हो चुकी होती है।
ऐसे में अश्वगंधा एक ऐसा नाम है जो हज़ारों वर्षों से आयुर्वेद में भरोसे के साथ इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह कोई जादुई दवा नहीं है जो तुरंत असर दिखाए, बल्कि यह शरीर को धीरे-धीरे अंदर से मजबूत बनाकर संतुलन स्थापित करने में मदद करती है जिससे समय के साथ आपको बेहतर नींद, ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव होता है।
सुरक्षित जड़ी-बूटी
अश्वगंधा एक सुरक्षित और वर्षों से इस्तेमाल की जा रही आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग हजारों वर्षों से शरीर को मजबूत बनाने और कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से राहत देने के लिए किया जाता रहा है। इसकी जड़ और पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं और यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और हॉर्मोन संतुलन बनाये रखने में भी मदद करती है।
प्रति 100 ग्राम अश्वगंधा पाउडर में मौजूद प्रमुख पोषक तत्वों की मात्रा
| पोषक तत्व | मात्रा | दैनिक मात्रा |
|---|---|---|
| कैलोरी | 245 केकैल | 12.3% |
| कार्बोहाइड्रेट | 49.9ग्रा | 16.6% |
| फाइबर | 32.3ग्रा | 129% |
| प्रोटीन | 3.7ग्रा | 7.4% |
| फैट/वसा | 0.3ग्रा | 0.5% |
| आयरन | 3.5एमजी | 19.4% |
| कैल्शियम | 23एमजी | 2.3% |













