ब्लिट्ज ब्यूरो
वाशिंगटन। एलन मस्क और सैम एल्टमैन के बीच चल रहे कानूनी विवाद का फैसला आ गया है। विगत दिवस अमेरिकी जूरी ने ओपेनएआई पर एलन मस्क द्वारा लगाए गए मुकदमे में मस्क के खिलाफ फैसला सुना दिया है। मुकदमा खारिज कर दिया गया है। जूरी ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी यानी ओपनएआई दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति यानी एलन मस्क को जवाबदेह नहीं है। चाहे उस पर मानवता के फायदे के मूल मिशन से भटकने का आरोप ही क्यों न लगा हो।
क्या कहा जूरी ने?
कैलिफोर्निया के ओकलैंड की संघीय अदालत में जूरी ने अपने फैसले में कहा कि स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने अपना मामला बहुत देरी से पेश किया। जूरी ने दो घंटे तक विचार-विमर्श करने के बाद अपना ये फैसला सुनाया। तीन हफ्ते चले इस मुकदमे को आओपेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य के लिए एक अहम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा था।
ओपनएआई को होंगे फायदे
यूएस डिस्टि्रक्ट जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने इस ट्रायल को देखा था। जज ने कहा कि जूरी के निष्कर्ष को सपोर्ट करने के लिए काफी सबूत हैं और इसी वजह से वे मौके पर ही इस मामले को खारिज करने के लिए तैयार थीं। इस फैसले से सैम ऑल्टमैन की एआई कंपनी ओपनएआई के लिए शुरुआती पब्लिक ऑफरिंग (आईपीऔ) के साथ आगे बढ़ने का रास्ता आसान हो गया है।
इसकी वजह से कंपनी की कुल कीमत बढ़कर 1 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 83 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है
लेकिन सैम ऑल्टमैन को कोर्ट केस के दौरान काफी बदनामी झेलनी पड़ेगी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कोर्ट में उनके बारे में कुछ बेहद निजी और छुपी बातें सामने आईं। जहां कई गवाह जज के सामने खड़े होकर साफ-साफ कहा कि सैम ऑल्टमैन एक झूठे इंसान हैं।
अपील करेंगे मस्क
एलन मस्क का कहना है कि वे अपील करेंगे। उन्होंने अपने इस दावे को दोहराया कि ऑल्टमैन और ओपेनेएआई के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन को दौलत कमाने का एक जरिया मानते थे। मस्क ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि सैम ऑल्टमैन और ब्रॉकमैन ने असल में एक चैरिटी को लूटकर खुद को मालामाल कर लिया। बस सवाल यह है कि उन्होंने ऐसा कब किया। उन्होंने कहा कि चैरिटी को लूटने की एक मिसाल कायम करना अमेरिका में दान-पुण्य की भावना के लिए बेहद विनाशकारी है।













