आस्था भट्टाचार्य
नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी से एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कीर स्टार्मर ने पिछले साल 2025 में क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी स्थापित करने की घोषणा की थी। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेटे कूपर ने संयुक्त रूप से भारत-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (जीएससीओ) सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन किया।
यूके की विदेश मंत्री के भारत दौरे पर अहम फैसले
भारत ने इस अवसर पर कहा कि यह क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन की मजबूती को लेकर उनकी बढ़ती साझेदारी में एक अहम पड़ाव है। एक और अहम बात यह रही कि भारत और यूके ने ‘रीजनल मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने के लिए एक एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए। यह सेंटर हिंद महासागर के देशों को गैर-पारंपरिक समुद्री सुरक्षा खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।
द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति
कूपर ने अपने समकक्ष एस. जयशंकर से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलीं। दोनों पक्षों ने व्यापार, टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन, रक्षा, जलवायु, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर केंद्रित द्विपक्षीय सहयोग में हो रही प्रगति की समीक्षा की। जयशंकर ने बैठक में कूपर से कहा कि दोनों देश अपनी नई और व्यापक व्यापार डील और रक्षा औद्योगिक रोडमैप के आधार पर भविष्य के लिए एक नई और आपसी फायदे वाली साझेदारी बनाने की अच्छी स्थिति में हैं।
जयशंकर ने बताया क्या हुई बात
विदेश मंत्री जयशंकर ने मुलाकात के बाद एक्स पर पोस्ट में किया। उन्होंने बताया कि हमने स्वच्छ ऊर्जा, एआई और क्रिटिकल मिनरल्स में नए अवसरों के बारे में बात की।
इसके साथ ही यूक्रेन, पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने पिछले साल आपसी विकास और समृद्धि के लिए काम करने और तेजी से बदलते वैश्विक दौर में एक समृद्ध, सुरक्षित और टिकाऊ दुनिया बनाने के मकसद से ‘विजन 2035’ शुरू किया था।
जयशंकर ने ‘भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते’ (सीईटीए) को अंतिम रूप देने, व्यापक रणनीतिक साझेदारी को अपनाने और रक्षा औद्योगिक रोडमैप को बड़ी उपलब्धियों के तौर पर रेखांकित किया। सीईटीए मजबूत सप्लाई चेन बनाने और व्यापार, ऊर्जा, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्रों में चिंताओं को दूर करने पर ध्यान देता है।
पीएम मोदी से भी मिली विदेश मंत्री
यूके की विदेश मंत्री ने पीएम मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने X पर कहा, ‘भारत-यूके साझेदारी के और गहरे होने की सराहना करता हूं, जिससे हमारे दोनों देशों के लिए विकास के अभूतपूर्व अवसर खुले हैं। ‘भारत-यूके विजन 2035′ साझेदारी का मार्गदर्शन करता रहेगा। वैश्विक भलाई के लिए हमारे संयुक्त प्रयास मजबूत होंगे।’












