ब्लिट्ज ब्यूरो
इंफाल। मणिपुर के कांगपोकपी और सेनापति जिलों में हथियारबंद समूहों द्वारा बंधक बनाए गए 38 में से 31 लोगों को रिहा कर दिया गया है। ये लोग कुकी और नागा समुदाय से संबंधित थे।
पुलिस ने यह जानकारी दी। इन्हें विगत दिवस हुई हिंसक घटनाओं के बाद हथियारबंद समूहों द्वारा अगवा कर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया था। कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने तीन चर्च नेताओं की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे। वहीं नोनेय जिले में एक नागरिक की हत्या कर दी गई थी और उसकी पत्नी घायल हो गई थी। इन घटनाओं के बाद कई लोगों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोंसाखुल गांव की 12 नागा महिलाओं को, जिन्हें उग्रवादियों ने बंदी बना रखा था, माखन गांव में रिहा कर दिया गया। इसके अलावा सेनापति जिले में बंधक बनाए गए कुकी समुदाय के चार पुरुषों और 10 महिलाओं को विगत दिवस सुरक्षा बलों को सौंप दिया गया।
अधिकारी ने यह भी बताया कि डॉन बॉस्को संस्था के दो सेल्सियन ब्रदर्स, जिनमें एक नगालैंड का रहने वाला है, को भी अलग-अलग स्थानों से रिहा किया गया है। कुकी समुदाय के तीन अन्य लोगों, जिनमें एक 18 वर्षीय युवती भी शामिल थी, को सेनापति जिले में पुलिस टीमों को सौंपा गया। रिहा हुई एक महिला ने बताया, हमारी आंखों पर पट्टी बांध दी गई थी और हाथ भी बांध दिए गए थे। हमें नहीं पता था कि हमें कहां ले जाया गया।
ऐसा महसूस हो रहा था कि हमें पहाड़ी इलाकों में रखा गया था। हालांकि हमारे साथ मारपीट नहीं की गई। मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने कहा था कि सरकार इन लोगों की सुरक्षित रिहाई के लिए नागरिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर रही है।
इस बीच, कुकी और नागा समुदाय के लोगों ने कांगपोकपी जिले में अलग-अलग धरना प्रदर्शन कर कथित अपहरण की घटनाओं के खिलाफ विरोध जताया है।













