ब्लिट्ज ब्यूरो
चंपारण। पश्चिम चंपारण के सारांश कुमार ने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैम्पियनशिप में रिदमिक पेयर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर जिले और बिहार का नाम रोशन किया है।
मजदूर परिवार से विश्व मंच तक
सारांश कुमार योगापट्टी अंचल के भवानीपुर गांव निवासी जितेंद्र राम और रुना देवी के पुत्र हैं। उनके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। सारांश वर्तमान में बेतिया स्थित लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर विश्व स्तर की प्रतियोगिता में सफलता हासिल की है।
तमिलनाडु के सर्वेश के साथ बनाई स्वर्णिम जोड़ी
योगासन स्पोर्ट्स एकेडमी के संचालक, राष्ट्रीय योगासन रेफरी और सारांश के प्रशिक्षक पवन कुमार चौधरी ने बताया कि भारतीय टीम में शामिल सारांश कुमार ने तमिलनाडु के खिलाड़ी सर्वेश के साथ रिदमिक पेयर स्पर्धा में भाग लिया।
दोनों खिलाड़ियों की शानदार प्रस्तुति ने निर्णायकों को प्रभावित किया और भारतीय जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के बाद लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल और योगासन स्पोर्ट्स एकेडमी में खुशी का माहौल है।
78 देशों के खिलाड़ियों के बीच चमका भारत
प्रथम विश्व योगासन चैम्पियनशिप 2026 का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में किया गया। प्रतियोगिता में विश्व के 78 देशों के 500 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 102 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य पदक सहित कुल 114 पदक जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया।
स्कूल और एकेडमी में जश्न का माहौल
सारांश की इस उपलब्धि के बाद उनके स्कूल, प्रशिक्षकों और परिजनों में खुशी की लहर है। शिक्षकों और सहपाठियों ने उनकी सफलता पर बधाई दी है।
प्रशिक्षक पवन कुमार चौधरी ने कहा कि सारांश की मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में सारांश और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।













