• About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact
Saturday, May 9, 2026
  • Login
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
No Result
View All Result

2019 के बाद से बहुत कुछ बदला महाराष्ट्र की सियासत में

by Blitz India Media
October 25, 2024
in Hindi Edition
0
A lot has changed in Maharashtra politics since 2019
Share on FacebookShare on Twitter
ब्लिट्ज ब्यूरो

मुंबई। 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बहुत कुछ बदल चुका है। 2019 में साथ मिलकर चुनाव लड़ीं भाजपा और शिवसेना को नतीजों में बहुमत मिला, लेकिन मुख्यमंत्री के मुद्दे पर दोनों दलों का गठबंधन टूट गया। इसके बाद राज्य में कई राजनीतिक उठापटक हुई।

चुनाव नतीजों के बाद राज्य तीन अलग-अलग गठबंधनों की सरकारें देख चुका है। कभी सुबह का सूरज उगने से पहले सरकार का शपथ ग्रहण हुआ तो कभी सरकार में शामिल सबसे बड़े दल में टूट के बाद नई सरकार बनी। कभी शिवसेना में बगावत हुई तो कभी एनसीपी में बगावत हुई। इन पांच वर्षों में राज्य के सभी प्रमुख दलों ने सत्ता का सुख भोगा। राज्य में बड़े राजनीतिक दलों की संख्या भी चार से बढ़कर छह हो गई।

2019 में नतीजे क्या रहे थे
21 सितंबर 2019 को चुनाव आयोग ने राज्य में विधानभा चुनावों का एलान किया। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला दो प्रमुख गठबंधनों के बीच था। पहला भाजपा और शिवसेना का गठबंधन जिसकी उस वक्त सरकार थी। वहीं, विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस और एनसीपी शामिल थे। महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्तूबर, 2019 को वोट डाले गए। 24 अक्तूबर, 2019 को मतगणना कराई गई थी। जब नतीजे आए तो 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को सबसे ज्यादा 105 सीटें मिलीं। वहीं, भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना को 56 सीटें आई थीं। इस तरह इस गठबंधन को कुल 161 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े 145 से काफी ज्यादा था। दूसरी ओर एनसीपी को 54 सीटें जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं।

– बीते पांच साल में तीन मुख्यमंत्री, दो बड़ी बगावत
– राजनीतिक उठा-पटक का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका राज्य

नतीजों के बाद ही शुरू हो गई सियासी उठापटक
विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर राज्य में राजनीतिक संकट खड़ा गया। दरअसल, मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भाजपा में ठन गई। विवाद इतना बढ़ा कि शिवसेना ने एनडीए से अलग होने का फैसला ले लिया। कई दिनों तक राज्य में ऊहापोह की स्थिति बनी रही। राज्य में कोई सरकार बनते न देख महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की सिफारिश के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।

कुछ दिन बाद अचानक आधी रात को राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया और 23 नवंबर 2019 की अल सुबह देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ अजीत पवार ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। हालांकि, भाजपा बहुमत साबित करने के लिए आवश्यक संख्या हासिल करने में नाकाम रही। तीन दिन के बाद फडणवीस और अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया। इससे एक बार फिर राज्य में सियासी संकट खड़ा हो गया।

यह राजनीतिक संकट तब समाप्त हुआ जब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच चर्चा के बाद एक नए गठबंधन, महाविकास अघाड़ी (एमवीए) का गठन हुआ। नए सियासी समीकरण के बाद 28 नवंबर, 2019 को उद्धव ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

चुनाव के ढाई साल बाद हुआ बड़ा सियासी ड्रामा
नवंबर 2019 से मई 2022 तक एमवीए सरकार चली। 2022 में हुए विधान परिषद चुनाव के दौरान कुछ ऐसी स्थिति बनी जिसके कारण राज्य राज्य में एक बार फिर सियासी संकट खड़ा हो गया। दरअसल, जून 2022 में महाराष्ट्र में विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव हुए। इसके लिए 11 उम्मीदवार मैदान में थे। एमवीए की तरफ से शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन ने छह उम्मीदवार उतारे थे तो भाजपा ने पांच। खास बात ये है कि शिवसेना गठबंधन के पास सभी छह उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल था, लेकिन वह एक सीट हार गई। इन पांच में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली और एनसीपी-शिवसेना के खाते में दो-दो सीटें आईं।

वहीं, भाजपा के पास केवल चार सीटें जीतने भर की संख्या बल थी, लेकिन पांचवीं सीट भी निकालने में पार्टी सफल रही। एमएलसी चुनाव में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई। इसके बाद महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे के साथ कई विधायक पहले गुजरात फिर असम चले गए। कई दिन चले सियासी ड्रामे के बाद उद्धव ठाकरे ने 29 जून, 2022 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बागी विधायकों के नेता एकनाथ शिंदे भाजपा के समर्थन से 30 जून, 2022 को मुख्यमंत्री बन गए।

एक साल बाद फिर सियासी उठापटक हुई
2 जुलाई 2023 को, अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी का समूह भाजपा-शिवसेना गठबंधन में शामिल हो गया। इसके साथ ही महायुति में सरकार में अजित ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। अजित के साथ एनसीपी के कुल आठ विधायकों ने मंत्री के तौर पर शपथ ली थी।

अजित और शिंदे को मिला अपनी-अपनी पार्टियों का नाम और निशान
2022 में शिवसेना और 2023 में एसीपी में बगावत हुई। इसके बाद दोनों दलों के दो टुकड़े हो गए। शिवसेना में बगावत के बाद पार्टी के ज्यादातर विधायक और सांसद एकनाथ शिंदे के साथ चले गए। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर शिंदे और उद्धव गुट की लड़ाई कोर्ट से लेकर चुनाव आयोग तक में चली। लंबी लड़ाई के बाद पार्टी का नाम और निशान शिंदे गुट को मिल गया। वहीं, उद्धव गुट की शिवसेना का नाम शिवसेना (यूबीटी) हो गया। इसी तरह अजित वार और शरद पवार गुट में हुई लड़ाई में एनसीपी का नाम और चुनाव निशान अजित गुट को मिला। वहीं, शरद पवार गुट की एनसीपी को एनसीपी (शपा) नाम मिला।

लोकसभा चुनाव में उद्धव और शरद को जनता का ज्यादा समर्थन
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य की कुल 48 लोकसभा सीटों के लिए दो प्रमुख गठबंधनों के बीच लड़ाई हुई। एनडीए में भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी ने चुनाव लड़ा। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एसीपी (शपा) ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। चुनाव नतीजे आए तो राज्य में सबसे 13 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) नौ सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही। शरद पवार की एनसीपी (शपा) ने आठ सीटों पर जीत दर्ज करके विपक्षी गठबंधन की सीटों की संख्या 30 कर दी।

राज्य की सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पार्टियों की बात करें तो भाजपा को नौ, शिवसेना को सात और एनसीपी को महज एक सीट पर जीत मिली। इस तरह एनडीए को राज्य में केवल 17 लोकसभा सीटों पर जीत मिल सकी। यानी, लोकसभा चुनाव में उद्धव और शरद पवार को जनता ने सत्ता में काबिज एकनाथ शिंद और अजित पवार के मुकाबले ज्यादा सीटें दीं।

अभी ऐसी है महाराष्ट्र विधानसभा की स्थिति
विधानसभा की मौजूदा स्थिति की बात करें तो 288 सदस्यीय विधानसभा में 202 सदस्य सत्ता पक्ष के हैं। इनमें 102 भाजपा, 40 एनसीपी, 38 शिवसेना और 22 अन्य छोटे दलों के सदस्य हैं। वहीं, विपक्ष में कांग्रेस के 37, शिवसेना (यूबीटी) के 16, एसीपी (शपा) के 16 और छह अन्य छोटे दलों के हैं। वहीं, 15 सीटें रिक्त हैं।

महाराष्ट्र में 20 नवंबर को मतदान, 23 को गिनती
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। यहां 20 नवंबर को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम
– अधिसूचना: 22 अक्तूबर
– नामांकन की आखिरी तारीख: 29 अक्तू.
– नामांकन पत्रों की जांच: 30 अक्तूबर
– नाम वापसी: 4 नवंबर
– मतदान: 20 नवंबर
– मतगणना: 23 नवंबर

Related Posts

राजस्थान में मुफ्त स्कूटी योजना
Hindi Edition

राजस्थान में मुफ्त स्कूटी योजना में भजनलाल सरकार का बड़ा बदलाव, पात्र छात्राओं को करना होगा ये काम

May 8, 2026
cyber security
Hindi Edition

NCRB रिपोर्ट 2024: देश में घटे कुल अपराध, लेकिन ‘डिजिटल डकैतों’ और साइबर ठगों का बढ़ा आतंक

May 8, 2026
चुनाव नतीजों के नए संकेत
Hindi Edition

चुनाव नतीजों के नए संकेत

May 7, 2026
डेयरी उत्पादों के निर्यात में यूपी की बड़ी छलांग
Hindi Edition

शाकाहारियों को बी 12 डेफिशिएंसी का रिस्क

May 7, 2026
sleep
Hindi Edition

हर वक्त एसी में न रहें, कमजोर होती इम्यूनिटी

May 7, 2026
'मेक इन इंडिया' मिशन का हमसफर बनेगा कोरिया : ली जे-म्युंग
Hindi Edition

‘मेक इन इंडिया’ मिशन का हमसफर बनेगा कोरिया : ली जे-म्युंग

May 7, 2026
Load More
Next Post
Sameer Wankhede can contest Maharashtra Assembly elections

समीर वानखेड़े लड़ सकते हैं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव

Recent News

News

राजस्थान में मुफ्त स्कूटी योजना में भजनलाल सरकार का बड़ा बदलाव, पात्र छात्राओं को करना होगा ये काम

by Blitz India Media
May 9, 2026
0

राजस्थान की मुफ्त स्कूटी वितरण कार्यक्रम से जुड़ी दो योजना क्रमश: कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी और देवनारायण छात्रा स्कूटी...

Read moreDetails
Bengal observer PIL

PIL seeks removal of UP cop as poll observer

April 29, 2026
India among top countries in meeting climate targets

India among top countries in meeting climate targets

April 29, 2026
EPFO

EPFO settles record 8.31 crore claims in FY26

April 29, 2026
PM inaugurates 594-km long Ganga Expressway

PM inaugurates 594-km long Ganga Expressway

April 29, 2026

Blitz Highlights

  • Special
  • Spotlight
  • Insight
  • Entertainment
  • Health

International Editions

  • US (New York)
  • UK (London)
  • Middle East (Dubai)
  • Tanzania (Africa)

Nation

  • East
  • West
  • South
  • North
  • Hindi Edition

E-paper

  • India
  • Hindi E-paper
  • Dubai E-Paper
  • USA E-Paper
  • UK-Epaper
  • Tanzania E-paper

Useful Links

  • About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact

©2024 Blitz India Media -Building A New Nation

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

    No Result
    View All Result
    • Blitz Highlights
      • Special
      • Spotlight
      • Insight
      • Entertainment
      • Sports
    • Opinion
    • Legal
    • Perspective
    • Nation
      • East
      • West
      • North
      • South
    • Business & Economy
    • World
    • Hindi Edition
    • International Editions
      • Dubai
      • Tanzania
      • United Kingdom
      • USA
    • Blitz India Business

    ©2024 Blitz India Media -Building A New Nation