ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) के 1,000 करोड़ रुपये के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के सार्वजनिक निर्गम को खुलने के 45 मिनट के भीतर ही खरीद लिया गया। स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
500 करोड़ रुपये का बेस इश्यू महज 10 मिनट में बिक गया और ग्रीनशू विकल्प को शामिल करने के बाद एक घंटे से भी कम समय में सब्सक्रिप्शन 1,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
यह इश्यू 19 जनवरी, 2026 को बंद होगा, इसमें ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटन किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, यह प्रति वर्ष 8.90 प्रतिशत तक का प्रभावी रिटर्न प्रदान करता है।
इसका बेस साइज 500 करोड़ रुपये है, जिसमें 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ग्रीन शू विकल्प भी शामिल है। एनसीडी को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है और इनका आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा।
आईसीआरए और केयर रेटिंग्स द्वारा स्थिर दृष्टिकोण के साथ ‘एए-‘ रेटिंग प्राप्त ये एनसीडी, समान रेटिंग वाले ऋण और सावधि जमा की तुलना में प्रतिस्पर्धी प्रतिफल प्रदान करते हैं, इससे खुदरा निवेशकों को भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में भाग लेने का अवसर मिलता है।
एईएल द्वारा जुलाई 2025 में जारी 1,000 करोड़ रुपये के दूसरे एनसीडी निर्गमन को पहले ही दिन महज तीन घंटे में पूरी तरह से सब्सक्राइब कर लिया गया था, जो निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है। बयान में कहा गया है कि निर्गमन से प्राप्त राशि का कम से कम 75 प्रतिशत मौजूदा ऋण चुकाने में उपयोग किया जाएगा, जबकि शेष राशि का उपयोग सामान्य कंपनी उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
एनसीडी 24, 36 और 60 महीने की अवधि में उपलब्ध हैं, जिनमें आठ श्रृंखलाओं में त्रैमासिक, वार्षिक और संचयी ब्याज भुगतान विकल्प उपलब्ध हैं। एईएल नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, विशाखापत्तनम में गूगल-अदानी एआई डेटा सेंटर परिसर और पूरे भारत में कई सड़क परियोजनाओं सहित अपने बुनियादी ढांचे का विस्तार करना जारी रखे हुए है। इस इश्यू के प्रमुख प्रबंधक नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और टिप्सन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज हैं। पिछले छह महीनों में, एईएल ने समय पर बड़े पैमाने की परियोजनाओं को पूरा करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
इसी कड़ी में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 8 अक्तूबर, 2025 को हुआ और यह 25 दिसंबर, 2025 से परिचालन में आ गया।































