ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। महानगर में अंगदान को लेकर इस वर्ष की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है। 22 जनवरी को एक 60 वर्षीय बुजुर्ग के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिवार ने अंगदान का साहसिक और मानवीय फैसला लिया। इस निर्णय से ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा कर रहे एक मरीज को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है।
अस्पताल में चला इलाज, नहीं बच सकी जान
बुजुर्ग को तबीयत बिगड़ने पर हीरानंदानी अस्पताल में भर्ती कराया गया डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया।
परिवार का बड़ा फैसला, जरूरतमंद
को मिला लिवर
ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिवार ने अंगदान की अनुमति दी बुजुर्ग का लिवर पूरी तरह स्वस्थ पाया गया लिवर को निकालकर प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीज के ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया
2026 का छठा अंगदान दर्ज
जोनल ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन कमिटी के अनुसार यह वर्ष 2026 का छठा अंगदान है अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों को मिल रही नई उम्मीद संवेदना से सेवा तक।
यह अंगदान सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं, बल्कि दुख के क्षण में परिवार का मानवता से भरा फैसला है जो किसी अनजान के लिए जीवन की नई शुरुआत कर सकता है।
































