आस्था भट्टाचार्य
नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 5,083 करोड़ रुपये के दो नए रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत तटरक्षक बल को जहां छह उन्नत हेलिकॉप्टर मिलेंगे, वहीं नौसेना को रूसी मिसाइलें मुहैया कराई जाएंगी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, तटरक्षक बल के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) के साथ छह एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) मार्क-3 की खरीद के लिए 2,901 करोड़ रुपये का सौदा किया गया है। समुद्री भूमिका वाले ये उन्नत हेलिकॉप्टर निगरानी, मछुआरों की सुरक्षा और अपतटीय सुरक्षा अभियानों में तैनात किए जाएंगे।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में दूसरा प्रमुख समझौता रूस की कंपनी जेएससी रोसबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया गया। 2,182 करोड़ रुपये के इस समझौते के तहत नौसेना के अग्रिम युद्धपोतों के लिए वर्टिकल लॉन्च स्टिल मिसाइलों की खरीद की जाएगी। वर्टिकल लॉन्च स्टिल मिसाइलें दुश्मन के विमान, हेलिकॉप्टर, ड्रोन व एंटी-शिप मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम हैं।
नौसेना के लिए चार स्वचालित बार्ज बनेंगे
रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए 500 टन वाले चार स्वचालित बार्ज (सामान ढोने में इस्तेमाल होने वाला सपाट सतह वाला जहाज) के लिए शोफ्ट शिपयार्ड प्रा. लि. ठाणे के साथ भी अनुबंध किया है। इन बार्ज कि प्राथमिक कार्य बंदरगाह और लंगरगाह में स्थित जहाजों और पनडुब्बियों को ईंधन की आपूर्ति करना होगा।
45 किमी से अधिक है मिसाइलों की मार
सतह से हवा में मार करने वाली वर्टिकल लॉन्च स्टिल मिसाइलें लगभग 45 किलोमीटर की दूरी तक हवाई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं। हर मौसम और चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में कारगर इन मिसाइलों से नौसैनिक बेड़े की सुरक्षा मजबूत होगी।
एचएएल के साथ उन्नत हेलिकॉप्टर के सौदे से घरेलू एयरोस्पेस क्षेत्र को बल मिलेगा। इस परियोजना में 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों की भागीदारी होगी। साथ ही, इससे लगभग 65 लाख मानव घंटों के रोजगार का सृजन होने की संभावना है







